कछला से 151 लीटर जल की कांवड़ लेकर जाते भक्त। संवाद
उझानी। भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था के प्रतीक सावन महीने में कांवड़ यात्रा पर देशभक्ति का भी रंग चढ़ गया है। कांवड़ के कलश कहीं भगवा से सराबोर दिखे तो किसी ने उसे तिरंगे झंडे से लपेटकर यात्रा शुरू की है। कछला गंगाघाट से शुरू कांवड़ यात्रा में शुक्रवार सुबह बरेली के किला इलाके के कांवड़िया अलखनाथ मंदिर में सोमवार को जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ियों की टोली में शामिल अभिषेक राठौर और विनय कुमार ने बताया कि वह अपने कुनबे के युवकों के साथ लगातार तीसरे साल कांवड़ यात्रा पर निकले हैं। इस बार भी छह कलश में 151 लीटर जल के साथ यात्रा शुरू की है। एक कलश को भगवा तो दूसरे को तिरंगा झंडे से लपेटा है। ताकि आस्था, धर्म और देशभक्ति का रंग कायम रहे। यही नहीं, कांवड़ियों के करीब 40 फीसदी वाहनों पर तिरंगा नजर आ रहा है। बदायूं के मीरा जी चौकी इलाके के कांवड़ियों की टोली के साथ वाहन पर लगे डीजे से रास्ते में भोले के भजनों के अलावा देशभक्ति के गीत गूंजते रहे। सावन महीने के दूसरे सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए शाम तक कांवड़ियों की पांच सौ से अधिक टोलियों ने शिव मंदिरों की ओर कूच कर दिया है। कांवड़ यात्रा शुरू करने से पहले भोले के भक्तों ने कछला गंगा घाट पर डुबकी लगाई। बिसौली निवासी कांवड़ियों की टोली के साथ मौजूद पुरोहित श्रीओम ने बताया कि भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक से पहले धार्मिक नियमों का पालन किया जाना भी आवश्यक है।
कछला से 151 लीटर जल की कांवड़ लेकर जाते भक्त। संवाद
कछला से 151 लीटर जल की कांवड़ लेकर जाते भक्त। संवाद