फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगातट पर बसने लगा तंबुओं का शहर, पर घाट अभी तक नहीं बने

विज्ञापन
मेला ककोड़ा में गंगा घाट पर कल्पवास को पहुंचा परिवार। संवाद - फोटो : BADAUN
विज्ञापन
कादरचौक। ककोड़ा मेले में तंबुओं का शहर बसने लगा है। देवोत्थान एकादशी के साथ गंगा तट पर कल्पवास करने वाले परिवार पहुंचने लगे हैं। काफी संख्या में साधु-संत पहुंच चुके हैं। मेले में दुकानें सज गई हैं। मीना बाजार लग गया है। खेल-तमाशे वाले पहुंचने के साथ गंगास्नान भी होने लगा है, लेकिन अब तक स्नान घाट नहीं बन सके हैं।
विज्ञापन

सात नवंबर को मेले का उद्घाटन और आठ नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान पर्व है। मिनी कुंभ ककोड़ा मेला में मुख्य स्नानघाट के आसपास एक किमी इलाके में बैरिकेडिंग करने के साथ सिरकीपाल की बाउंड्री की जाएंगी, ताकि कोई भूल से भी स्नान करने के लिए मुख्य स्नानघाट की ओर से गंगा में न जा सके। मुख्य घाट पर चेतावनी बोर्ड लगाकर बैरिकेडिंग की जा रही है।
इस बार मुख्य स्नान घाट पर गहराई ज्यादा होने के कारण मेला की पूरब और पश्चिम दिशा में स्नान घाट बनाए जा रहे हैं। जिन स्थानों को स्नान घाट के लिए चिह्नित किया है, वहां अब तक झाड़ियां खड़ी हैं। भूमि को भी समतल नहीं किया गया है। कुछ गहराई वाले स्थानों में चेतावनी के बोर्ड लगा दिए हैं। स्नान घाटों के पास वाच टावर बन गए हैं।
विज्ञापन

मेला में बनी 14 पुलिस चौकियां
बदायूं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मेले कोतवाली बनकर तैयार हो गई है। मेला में अलग-अलग जगह 14 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। पांच बैरियर लगाए गए हैं और एक फायर स्टेशन बनाया गया है। मेला में 18 इंस्पेक्टर, 85 सब इंस्पेक्टर, 350 सिपाही, 76 हेड कांस्टेबल, 70 महिला कांस्टेबल और एक कंपनी पीएसी, एक प्लाटून बाढ़ पीएसी, 200 पीआरडी जवान लगाए गए हैं। मेला पांच जोन और 10 सेक्टर में बांटा गया है। सीओ शक्ति सिंह को मेला प्रभारी नियुक्त किया है। एसपी सिटी अमित कुमार श्रीवास्तव पुलिस व्यवस्था के पर्यवेक्षक बनाए गए हैं।
मेला में फॉगिंग, डेंगू और मलेरिया की भी जांच
बदायूं। गंगा तट पर मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए मलेरिया विभाग ने आठ कर्मचारियों की तैनाती की है। जिला पंचायत की ओर से फॉगिंग व मच्छर और लार्वा नाशक दवाओं के छिड़काव की व्यवस्था की है। टीमें लोगों के सैंपल लेंगी और एलाइजा जांच के लिए सैंपल बदायूं भेजे जाएंगे। मेला में दस बेड का अस्थायी अस्पताल व आठ एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने बताया कि टीम को दवा और जांच किट आवंटन कर दी हैं। शनिवार से काम करने लगेंगी।
सर्कस की जगह पर लगे तंबु हटाए
वीरान रहने वाले गंगातट पर नक्शे के अनुसार जो स्थान सर्कस के लिए चिह्नित किया था, वहां लोगों ने डेरा-तंबू लगा लिए। शुक्रवार सुबह जब मेला स्थल पर सर्कस पहुंचा तो मालिक और कर्मचारी चिह्नित स्थान को तलाशते रहे। पता लगा कि जो स्थान सर्कस के लिए तय किया था, वहां तंबुओं की बस्ती बस गई है। बाद में यहां से तंबुओं को हटाकर दूसरे स्थान पर लगाया गया।
बच्चों के हाथों में बांधा जाएगा नाम-पते का बैंड
इस बार मेला पहुंचने वाले दस वर्ष तक के बच्चों के हाथ में विशेष प्रकार का बैंड बांधा जाएगा। इस पर बच्चे के पिता का नाम और पते के साथ मोबाइल नंबर भी लिखा होगा। भीगने पर भी लिखा हुआ नहीं धुलेगा। मेला में हर वर्ष काफी संख्या में छोटे बच्चे परिवारों से बिछड़ जाते हैं। इसके समाधान के लिए जिला पंचायत ने दस वर्ष तक के बच्चों के हाथ में बैंड बांधने की योजना बनाई है।
बरेली से पहुंचे सूरज और फैंटम करेंगे गश्त
मेला में घुड़सवार पुलिस भी रहेगी। बरेली पुलिस के दो घोड़े पहुंच गए। इनमें एक का नाम सूरज और दूसरे का फैंटम है। इन पर सवार होकर पुलिसकर्मी मेले में गश्त करेंगे। घोड़ों पर सवार होकर मेला में गश्त के लिए घुड़सवारी में प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
भागीरथी तट पर मनाई देवोत्थान एकादशी
देवोत्थान एकादशी पर काफी संख्या में परिवार ककोड़ा मेला पहुंचे। आठ नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा और नौ को प्रतिपदा के बाद दस नवंबर ने इन परिवारों की गंगा तट से घरों को वापसी शुरू होगी। शुक्रवार को देवोत्थान एकादशी पर गंगा तट पर कल्पवास को पहुंचने परिवारों ने गंगा स्नान के साथ पूजन किया। दान पुण्य भी किय गया।
सर्कस चौराहा से कुर्मियान बस्ती का रोड नहीं बना
सात नवंबर तक काम पूरा होता नहीं दिख रहा। अब भी तमाम स्थानों पर अव्यवस्थाएं हैं। सर्कस चौराहा से कुर्मियान बस्ती की ओर जाने वाले अस्थायी रोड का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। बरेली रोड और पूरब-पश्चिम की ओर गंगा घाटों के लिए रोड बनाने का काम पूरा नहीं हो सका है।

मेला ककोड़ा मिनी कुंभ स्थल पर वीआईपी क्षेत्र में लगे तंबू और डेरे। संवाद- फोटो : BADAUN

मेला ककोडु में मुख्य मार्ग की अस्थायी सड़क के गड्ढे में फंसा टेंपो। संवाद- फोटो : BADAUN

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें