कादरचौक। रुहेलखंड के मिनी कुंभ ककोड़ा मेला का औपचारिक उद्घाटन सोमवार को केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा और भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी करेंगे। गंगा की वीरान रहने वाली कटरी अब गुलजार हो गई है। गंगातट पर तंबुओं का शहर बस गया है। कल्पवास के लिए हजारों परिवार पहुंच गए और लगातार आ रहे हैं। दुकानें सज गई हैं। मनोरंजन के लिए सर्कस, खेल-तमाशे, झूला आदि भी लग गए हैं।
अन्य वर्षों के मुकाबले इस वर्ष मेले में अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। गंगा के पूरब और पश्चिम दिशा में दो घाट बनाए गए हैं। रविवार को घाटों के समतलीकरण के साथ व्यवस्थाओं को पूरा कर लिया गया। उद्घाटन के दिन मेला में विकास प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। तमाम विभाग की प्रदर्शनी लगाने का काम रविवार को पूरे दिन चलता रहा। कुछ स्थानों पर मेला मार्गों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। सभी स्थानों पर वॉच टावर बनाने का काम पूरा कर लिया है।
मेला में सुरक्षा की दृष्टि से 50 स्थानों पर सीसी कैमरे लगाए गए हैं। हालांकि, अब तक मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क के लिए पोर्टेबल मोबाइल टावर नहीं लग सके हैं। उद्घाटन में सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य, आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में रहेंगे। विधायक महेश गुप्ता, राजीव कुमार सिंह, हरीश शाक्य भी उदघाटन के मौके पर मौजूद रहेंगे।
---
शाम से शुरू होगी कार्तिक पूर्णिमा, दो दिन होगा गंगास्नान
- मुख्य स्नान पर्व के दिन चंद्र ग्रहण, नौ नवंबर को भी होगा गंगा स्नान
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। इस बार आठ नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लग रहा है। हालांकि, कार्तिक पूर्णिमा सोमवार शाम चार बज कर 18 मिनट से मंगलवार शाम चार बज कर 38 मिनट तक रहेगी। इस दौरान मंगलवार को शाम पांच बजे कर 28 मिनट से छह बज कर 21 मिनट तक चंद्रग्रहण भी रहेगा। ऐसे में गंगास्नान बुधवार नौ नवंबर को भी होगा। हालांकि, नौ नवंबर को प्रतिपदा है।
ज्योतिषाचार्य पंडित गिरीश शर्मा ने बताया कि कोई तिथि उदया से शुरू होती है, सनातन धर्म में उसका महत्व है। ऐसे में मंगलवार को पूर्णिमा उदया में होगी। लेकिन मंगलवार को ही शाम पांच बज कर 28 मिनट से चंद्रग्रहण लग जाएगा। ग्रहण से नौ घंटे पहले सुबह आठ बजे से सूतक लग जाएंगे। सूतक लगने के बाद ग्रहण खत्म होने तक पूजा-पाठ, अनुष्ठान वर्जित हैं। सुबह आठ बजे सूतक लगने से पहले गंगा स्नान किया जा सकता है। पंडित मनोज मिश्रा ने बताया कि ग्रहण के बाद गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। कार्तिक पूूर्णिमा पर मंगलवार को सुबह आठ बजे से सूतक होंगे। ग्रहण काल में भजन और प्रभु को याद करना चाहिए। ग्रहण के बाद गंगा स्नान ज्यादा फलदायी होगा। ग्रहण शाम छह बजकर 21 मिनट तक रहेगा। सूतक काल सुबह आठ बजे से लग जाएंगे।
-----------
गहराई वाले स्थानों पर बेरीकेड़िग, लाल झंडियां लगाईं
गंगा में गहराई वाले स्थानों पर बेरीकेडिंग करने के साथ चेतावनी के लिए लाल झंडिया लगाई गई हैं। मुख्य स्नान घाट पर गहराई 30 फीट तक है। यहां करीब एक किमी इलाके में गंगा की बेरीकेडिंग की गई है। गंगा किनारे स्नानघाट पर जेसीबी से खाई भी खोदी है।
मेले का मुख्यद्वार अब तक तैयार नहीं
ककोड़ा मेले का मुख्यद्वार अब तैयार नहीं हो सका है। कई स्थानों पर अस्थायी सड़कें भी दलदली हो गई हैं। वीआईपी इलाके में भी अव्यवस्थाएं हैं। हालांकि चौबीस घंटे युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। जिला पंचायत के एएमए मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रविवार रात में ही मुख्यद्वार का काम पूरा कर लिया जाएगा। व्यवस्थाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। जो भी कमियां बची हैं उन्हें दूर किया जा रहा है।
मेला ककोड़ा में गंगा स्नान करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : BADAUN