उझानी/ कछला। सावन अंतिम पड़ाव की ओर है। वहीं कांवड़ यात्रा के दो दिन शेष हैं। सोमवार को जलाभिषेक के साथ यात्रा का विसर्जन होगा। इससे पहले शनिवार को पूरे दिन हाईवे कांवड़ियों के जयकारों से गूंजता रहा।
गंगाघाट से कांवड़ियों के निकलने का दौर शनिवार तड़के से ही शुरू हो गया। कांवड़ पूजन के बाद हाईवे के रास्ते शिव मंदिरों की ओर निकले कांवड़ियों की टोलियों से गुलजार हाईवे पर सुबह में खासी भीड़भाड़ रही। पूर्वाह्न में कांवड़ यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई। कांवड़ियों में उसहैत निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि सावन महीने के अंतिम सोमवार को वह पैदल चलकर ही लखीमपुर- खीरी जिले में गोला गोकर्णनाथ के शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
आसपास के जिलों के कांवड़ियों की टोलियों ने भी हाईवे पर धूम धड़का किया। कलाकारों के साथ थिरकते कांवड़ियों ने डीजे साउंड का भी लुत्फ उठाया। कांवड़ियों के अधिकतर वाहनों पर डीजे सिस्टम लगे दिखे। सड़क किनारे गांवों के लोगों ने कांवड़ियों की सेवा की। खाटू नरेश श्याम प्रभु के मंदिर पर भंडारे का आयोजन कर कांवड़ियों को सब्जी-पूड़ी बांटी गई।
सैकड़ों शिवभक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी
शिवतेरस पर जलाभिषेक से पहले शिवभक्तों ने कछला गंगाघाट पर आस्था की डुबकी लगाई। घाट पर शिवभक्तों के पहुंचने का सिलसिला पूरे दिन चला। घाट पर प्रसाद विक्रेता चंद्रपाल ने बताया कि कांवड़ियों के अलावा आसपास इलाके केे लोगों ने भी गंगा स्नान किया। कांवड़िये गंगाघाट से ही कांवड़ यात्रा शुरू करते हैं।
कांवड़ ले जाते कांवड़िये। संवाद