उझानी। फर्जी एसीपी के झांसे में न आए सराफ आलोक अग्रवाल ने स्थानीय पुलिस के दबाव में आकर स्टेट बैंक के जिस खाते में 26700 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे, वह जबलपुर के राहुल यादव के नाम पर था। पुलिस की टीम खाताधारक और फर्जी एसीपी की तलाश में जबलपुर पहुंची और दिनभर छानबीन की।
सराफ आलोक ने बताया कि फर्जी एसीपी ने अपना मोबाइल नंबर दो बार ऑन किया। ऐसा एक दिन पहलेे भी हुआ था। फर्जी एसीपी की हालांकि लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेने का विश्वास दिलाया है। खाताधारक राहुल भी पुलिस की पकड़ में आ सकता है। बता दें कि सराफ आलोक ने ठगी से पहले कोतवाली पहुंचकर फेक कॉल के बारे में अवगत करा दिया था। आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस कर्मियों ने उनकी नहीं सुनी। पुलिस के दबाव में उन्होंने रुपये ट्रांसफर किए जाने की शिकायत की थी।
सराफा व्यापारी का आरोप, एसएसआई ने की अभद्रता
- ठगी का शिकार सराफा व्यापारी आलोक अग्रवाल ने शुक्रवार को एक शिकायत पत्र दिया है। इसमें उन्होंने एसएसआई मनोज कुमार समेत उनके साथ के अन्य पुलिस कर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि एसएसआई उनको दुकान से जबरन उठाकर लगाए थे। उन्होंने ही रुपये ट्रांसफर करने के लिए दबाव भी बनाया।
मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
- उझानी पुलिस ने घटना के तीसरे दिन सराफा व्यापारी आलोक अग्रवाल की तहरीर पर मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। नंबर की लोकेशन राजस्थान में मिली थी, लेकिन व्यापारी से जिस बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर कराए गए थे वह मध्य प्रदेश का जबलपुर का बताया जा रहा है। मामले में सर्विलांस सेल भी जुटी हुई है। इधर, पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका को लेकर व्यापारियों में गुस्सा है।