उझानी (बदायूं)। देवनागरी इंटर कॉलेज की छात्राओं ने बुधवार को कोतवाली परिसर का भ्रमण किया। छात्राएं सबसे पहले फरियादियों से रूबरू हुईं, फिर पुलिस के कामकाज करने के तौर-तरीकों को करीब से जाना। उन्हें रिपोर्ट दर्ज करने से लेकर गिरफ्तारी तक की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से थाना भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत देवनागरी इंटर कॉलेज की छात्राओं को प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान और महिला पुलिस कर्मियों ने पूरे परिसर का भ्रमण कराया। साथ ही हर पटल के बारे में विस्तृत जानकारी दी। हवालात देखने के बाद छात्राओं ने कंप्यूटर रूम देखा। कंप्यूटर रूम में गुलाब सिंह और राजपाल सिंह ने अभिलेखीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के तरीके बताए। फरियादी की रिपोर्ट कैसे दर्ज की जाती है और आगे की कार्रवाई के बारे में बिंदुवार जानकारी दी।
प्रभारी निरीक्षक ने महिला डेस्क के अवलोकन के दौरान छात्राओं को महिला सुरक्षा पर पुलिस की योजनाओं के बारे में बताया। कहा कि महिलाओं, छात्राओं और बच्चियों से जुड़े मामलों में शासन की गाइडलाइन का विशेष ख्याल रखा जाता है।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि अगर उन्हें कोई परेशान करता है या फिर भ्रमित करके अपना मंसूबा पूरा करना चाहता तो चुप्पी साधकर बैठ नहीं जाना चाहिए। छात्राएं अपनी बात पहले परिवार में शेयर करें, फिर पुलिस की मदद लें। घर में भी अगर कोई मर्यादा के विपरीत चलता है तो उसे बर्दाश्त नहीं करें।
इस दौरान निरीक्षक मोना सिंह भी मौजूद रहीं। कॉलेज के डायरेक्टर संकेत मोहन शर्मा, शिक्षिका प्रतीक्षा माहेश्वरी, पारुल चतुर्वेदी, शिवि शर्मा ने भ्रमण के दौरान छात्राओं का हौसला बढ़ाया।
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प्रभारी निरीक्षक से छात्राओं ने किया संवाद
भ्रमण के बाद आगंतुक कक्ष में छात्राओं ने प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान से संवाद किया। छात्रा सौम्या सक्सेना और अर्शी अंसारी ने अपराध नियंत्रण के बारे में पूछा। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि पुलिस कर्मी भी समाज का हिस्सा हैं, वे भी सामाजिक स्तर पर बुराइयां समाप्त कराने की पहल करते हैं। फिर भी कोई अपराध करे तो उसे सजा दिलाने के लिए भी कसर नहीं छोड़ी जाती। छात्रा अंशिका यादव का सवाल था कि लोग अपराध क्यों करते हैं। प्रभारी निरीक्षक ने उसे समझाया कि अपराधी की न तो कोई जाति होती है और न ही धर्म, वह सिर्फ सजा का हकदार होता है।