बदायूं। दुष्कर्म के 23 साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सौरभ सक्सेना ने दो सगे भाइयों को दोषी करार दिया है। दोषियों को दस-दस साल की सजा के साथ ही उन पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले ग्रामीण ने दो जुलाई 2001 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि गांव के ही नवी हसन व उसके बच्चों में झगड़ा हो गया था। इसी बात को लेकर नवी हसन व साबिर हुसैन ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की और दुष्कर्म किया। पुलिस ने दुष्कर्म की धारा रिपोर्ट में दर्ज नहीं की और मारपीट में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला कोर्ट में पहुंचा तो पीड़िता के बयान दर्ज कराए गए। जहां उसने दोनों भाइयों पर दुष्कर्म करने की बात कही। निचली अदालत ने 26 फरवरी 2015 को दुष्कर्म करने की धारा की बढ़ोत्तरी की। दोनों पक्षों की तरफ से अदालत में गवाह पेश किए गए। आरोपी पक्ष दुष्कर्म के आरोपों को झूठा साबित नहीं कर पाया। बुधवार को न्यायाधीश ने दोनों भाइयों को दोषी करार देते हुए दस-दस साल कारावास की सजा सुनाई।