सोते समय छह बदमाशों ने 15 सितंबर 2014 की रात किया था घर में घुसकर हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। किशोरी से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास में तीन दोषियों को विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश सौरभ सक्सेना के न्यायालय ने 10-10 साल कैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की 90 फीसदी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश भी दिया है।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने 15 सितंबर 2014 को तहरीर दी थी। बताया था कि वह 13 वर्षीय बेटी और बेटा के साथ घर में सो रहा था। रात करीब 12 बजे गांव के ही गांव के ही चंद्रपाल, रामचरण और भूशंकर तीन अज्ञात लोगों के साथ घर में घुस आए और नावालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने लगे। विरोध करने पर जान से मारने की कोशिश करने लगे। किशोरी की चीख सुनकर उसकी आंख खुल गई। परिजन तीनों से भिड़ गए। इसी दौरान चंद्रपाल ने चाकू से बेटी की गर्दन पर हमला कर दिया जिसमें किशोरी को गले पर गंभीर चोट आई। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग घर की दौड़ पड़े। यह देख आरोपी मौका पाकर भागने लगे। परिजनों ने चंद्रपाल को पकड़ लिया। बाकी भागने में सफल रहे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों को नामजद करते हुए तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना एसआई विजयपाल सिंह ने की। विवेचक ने घटना के सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया।
इंस्पेक्टर जरीफनगर ने विचाराधीन इस मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन में चिह्ति कराया।अभियोजक पक्ष के विशेष लोक अभियोजक प्रदीप भारती व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद सजा सुनाई। संवाद