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Budaun News: सात लाख सैलरी लेकर जिले के 12 दंत चिकित्सक दे रहे सिर्फ परामर्श

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सीएचसी बिसौली पर कबाड़ में पड़ी डेंटल चेयर और अन्य उपकरण। संवाद
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बदायूं। स्वास्थ्य विभाग हर महीने जिले के 12 दंत चिकित्सकों को सात लाख से अधिक प्रतिमाह सैलरी दे रहा है, बदले में यह चिकित्सक मरीजों को परामर्श ही दे पा रहे हैं। कारण, विभाग ने न तो इन्हें रूट कैनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी) के लिए डेंटल चेयर ही उपलब्ध कराईं हैं और न ही संबंधित रसायन। जिले की 16 सीएचसी में आठ पर डेंटल चेयर हैं। पड़ताल में पता चला कि उझानी, सहसवान और बिसौली पर डेंटल चेयर कबाड़ हो चुकी हैं।
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एक डेंटल चेयर 2021 में खरीदी गई, जिसे वजीरगंज भेजना दर्शाया गया है, लेकिन वजीरगंज में नई चेयर है ही नहीं। विभाग ने इसके बाद न तो चेयर की मांग की न ही आरसीटी की सुविधा के लिए केमिकल व अन्य उपकरणों की उपलब्धता सीएचसी पर करने की कोई कवायद। यही कारण है कि जिले में दांतों का इलाज नहीं हो रहा है। आरसीटी सरकारी अस्पताल में फ्री होती है पर निजी चिकित्सक के यहां 2500 से 4000 रुपये खर्च हो जाते हैं।

उझानी सीएचसी : डेंटल चेयर कबाड़ में, मरीज का इलाज सामान्य चेयर पर
डेंटल चेयर कबाड़ में पड़ी है। अपने कक्ष में बिना डेंटल चेयर के उपचार किया जा रहा है। डेंटिस्ट डॉ. अवनी सिंह हैं। दांत उखड़वाना हो तो सुविधा है पर आरसीटी के लिए न तो केमिकल है न ही अन्य उपकरण।
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बिल्सी सीएचसी: दो डेंटिस्ट हैं, फिर भी नहीं होती आरसीटी
संविदा से डॉ. होरेश दिनकर और स्थायी डॉक्टर के रूप में डॉ. अपूर्व की तैनाती है। दो-दो डॉक्टरों की तैनाती होने के बाद भी यहां मरीजों को दांत संबंधी इलाज नहीं मिल पा रहा। दांत उखाड़ने के अलावा अन्य कोई ऐसी सुविधा नहीं है, जो मरीज को दी जा सके। डेंटल चेयर नहीं हैं।


वजीरगंज सीएचसी : डेंटल चेयर नहीं पर डेंटिस्ट है तैनात
वजीरगंज सीएचसी पर डॉक्टर मनोज कुमार तैनात हैं। बताया कि डेंटल चेयर नहीं है। आरसीटी की सुविधा नहीं है। यहां सिर्फ दांतों की सफाई फिलिंग ओर दांत निकालने की सुविधा है।



सहसवान सीएचसी : यहां के डेंटिस्ट अटैच हैं जिला अस्पताल में
सहसवान सीएचसी पर तैनात डॉ. संदीप सिंघल को जिला अस्पताल से अटैच कर रखा है। यहां कोई डॉक्टर नहीं है। डेंटल चेयर कबाड़ में पड़ी हुई है। अन्य कोई सुविधा नहीं है।

सैदपुर सीएचसी : डेंटिस्ट के लिए हो रहा पत्राचार, मरीज कर रहे इंतजार

सैदपुर सीएचसी पर दांत के डॉक्टर की तैनाती नहीं है। यहां के चिकित्साधिकारी डॉ. जुनैद मेंहदी हैं। उन्होंने बताया कि सीएचसी पर डॉक्टरों की कमी चल रही है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को छह महीने में कई बार पत्राचार किया जा चुका है। अस्पताल आयुष डॉक्टरों के सहारे संचालित हो रहा है।


फैजगंज बेहटा सीएचसी : दांत में है दिक्कत तो 60 किलोमीटर दूर आइए

फैजगंज बेहटा सीएचसी पर डॉक्टर नहीं है। न ही कोई दांत के इलाज की सुविधा है। यहां आने मरीजों को 60 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल भेजा जाता है। जिला अस्पताल में भी आरसीटी की सुविधा नहीं है।

जगत सीएचसी : डेंटिस्ट के लिए डेंटल चेयर मिलने का है इंतजार

जगत सीएचसी पर डेंटिस्ट डॉ. अंजलि चौधरी की तैनाती है। डेंटल चेयर नहीं है। दांतों को साफ करने और निकालने की ही सुविधा मिल पाती है। अन्य उपकरण भी यहां मौजूद नहीं है।


जिले में सीएचसी पर डेंटिस्ट हैं। मैंने अभी दो माह पहले ही अस्थायी रूप से सीएमओ का चार्ज लिया है। किस सीएचसी पर उपकरण हैं, किस पर नहीं, अभी इसकी जानकारी नहीं है। आरसीटी की सुविधा होनी चाहिए, अगर नहीं तो इसको चेक कराया जाएगा। -डॉ. अब्दुल सलाम, कार्यवाहक सीएमओ




क्या है आरसीटी

मूल नालिका उपचार या ''''''''रूट कैनाल थेरेपी'''''''' दांतों के उपचार की प्रक्रिया है। इसके द्वारा दांतों के संक्रमण को हटाया जाता है और भविष्य में संक्रमण न हो, इसके लिए उपाय किए जाते हैं। जब यह उपचार प्रचलन में नहीं था तो संक्रमित दांतों को उखाड़ना ही एकमात्र विकल्प होता था।

सीएचसी बिसौली पर कबाड़ में पड़ी डेंटल चेयर और अन्य उपकरण। संवाद

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