बिल्सी/बदायूं। हाथरस में मंगलवार को दोपहर करीब दो बजे सत्संग समाप्त हुआ। साकार विश्व हरि को मानने वाले लोग पंडाल से निकल कर अपने-अपने वाहनों की ओर बढ़ने लगे तभी कुछ देर बाद भगदड़ मची गई। इस दौरान उझानी की सुशीला देवी की जान डेढ़ घंटे तक सांसत में रही।
उझानी क्षेत्र के गांव अकोली की निवासी सुशीला देवी (50) भगदड़ स्थल से कुछ ही दूर सड़क के किनारे कुछ महिलाओं के संग खड़ीं थीं। उन्होंने लोगों को गिरते, पड़ते और चीखते हुए आंखों से देखा है। जहां वे खड़ीं थीं, उससे करीब दो ढाई सौ कदम दूर ही एक ढलान था। उसी ढलान पर चढ़कर लोग सड़क की ओर बढ़ रहे थे। उनका कहना है कि अचानक कोई वाहन आ जाने से वहां भगदड़ के साथ अफरातफरी मच गई। ढलान से चढ़ते वक्त जो गिर गए, उन्हें उठाने वाला कोई नहीं था। सबको अपनी जान की पड़ी थी। लोग जान बचाकर भागने की जल्दी में थे लेकिन जब भीड़ में रास्ता नहीं मिल रहा था तो गिर रहे थे। अफरातफरी का मंजर था। कुछ लोग आगे बढ़ने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे लेकिन कुछ ही पल में देखते-देखते चीख-पुकार मच गई। तब पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। सड़क पर आने जाने वाले वाहनों को रोका गया। उनमें ही घायलों को अस्पताल भेजना शुरू किया।
बीस महिलाओं के संग गईं थीं, सब बच गईं सकुशल
बदायूं। अपने क्षेत्र की बीस महिलाओं के संग हाथरस के सत्संग में भाग लेने के लिए सुशीला देवी मंगलवार को सुबह चार बजे निजी वाहन से रवाना हुईं थीं। महिलाएं छोटे वाहनों में गईं। एक वाहन में दस महिलाएं थीं। सभी सुरक्षित बच गईं। संवाद