प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अनुदान के लिए आवेदन करने वाले महिला-पुरुषों के बारे में तस्दीक करने के लिए नगरीय विकास अभिरकण (डूडा) की तीन सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्वे का काम शुरू कर दिया है। टीम के सदस्यों ने बुधवार को कई आवेदकों को गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने के अभिलेख पेश करने के लिए पालिका कार्यालय बुलाया। उनसे बीपीएल कार्डों की फोटो प्रतियां भी जमा कराई गईं। पालिका के नेहरू सभागार में डूडा के कर्मचारियों की ओर से कोआर्डिनेटर शशांक चौहान बैठे। करीब आठ सौ आवेदकों वाली सूची में फिलहाल दो सौ से अधिक आवेदकों के नाम फाइनल होने के आसार हैं लेकिन इनमें कई ऐसे महिला-पुुरुष भी शामिल हैं, जिन्होंने अभी तक साक्ष्य पेश करने में कोताही बरती है। पीएम आवास योजना से अनुदान पर कितने लाभार्थियों का चयन होगा, यह अभी तक तय नहीं है लेकिन सूत्रों की माने तो दो-चार ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पिछले कुछेक साल से यहां आकर बस गए हैं। राशन कार्ड बनवा लेने के बाद उन्होंने वोटर लिस्ट में भी खुद को शामिल करा लिया है। डूडा कर्मियों की टीम ने इससे पहले मोहल्लों में पहुंचकर आवेदकों के बारे में सही जानकारी हासिल करने के लिए उनके पड़ोसियों से भी संपर्क साधा। सत्यापन सर्वे के दौरान आवेदकों के बारे में पड़ोसियों से भी अहम जानकारियां टीम के सदस्यों तक पहुंच रही हैं। बता दें कि पीएम आवास योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को अनुदान के रूप में दो लाख 50 हजार रुपया मिलेगा। इसमें एक लाख रुपया केंद्र सरकार के कोटे का होगा। इसके लिए जरूरी है कि आवेदन करने वाले पात्र महिला-पुरुष के पास पक्का मकान नहीं हो लेकिन उसके नाम प्लाॅट होना आवश्यक है।