बदायूं। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब एलईडी (डिजिटल बोर्ड) का लाभ मिलेगा। शिक्षकों को एलईडी संचालित करने का प्रशिक्षण दे दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में छात्र-छात्राओं को इसके जरिए पढ़ा सकेंगे। वहीं विद्यार्थी नई गतिविधियों के बारे में वीडियो और ऑडियो के माध्यम से समझ सकेंगे।
जिले के उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों समेत 445 स्कूलों में शासन की तरफ से एलईडी दी गईं हैं। जो जून में स्कूलों में पहुंचाई गईं थीं। बाद में इनको संबंधित कंपनी की ओर से लगवाया गया था। तब से अब तक शिक्षकों को इसको संचालित करने के लिए ट्रेनिंग नहीं दी गई है। इसकी वजह से अधिकतर एलईडी अब तक बंद पड़ी थीं।
शासन के निर्देश पर अब इन स्कूलों के शिक्षकाें को इसे चलाने की प्रशिक्षण दिया गया, जो बुधवार को पूरा हो गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षक अपने-अपने स्कूलों के छात्र-छात्राओं को कई नवीन जानकारियों को ऑडियो, वीडियो के माध्यम से आसानी से दे सकेंगे। यहां तक की इस एलईडी (डिजिटल बोर्ड) पर शिक्षक लिखकर भी पढ़ा सकेंगे। ऐसे में इस बोर्ड को दोहरा फायदा शिक्षकों को मिलेगा।
जिन स्कूलों में एलईडी (डिजिटल बोर्ड) भेजी गईं थीं, वहां के सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। अब वह अपने-अपने स्कूलों में एलईडी के माध्यम से विद्यार्थियों को आसानी से पढ़ा सकेंगे। -वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए