प्रधानाचार्य डॉ.श्यामेश ने कहा कि बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए प्रत्येक विद्यालय को उनकी सांस्कृतिक धरोहर को समझाना होगा। इससे बच्चे अपनी संस्कृति की जड़ों से जुड़ेंगे। प्रबंध निदेशक शरद बंसल ने कहा कि विद्यालय अपनी संस्कृति और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का संपूर्ण निर्वहन कर मातृभूमि की सेवा करता रहेगा। कार्यक्रम प्रभारी शुभि गुप्ता और रीतिका गुलाटी ने कहा कि बच्चों को इस कार्यक्रम के माध्यम से अपनी संस्कृति से जोडने का प्रयास किया गया। दीपक सजाओ के माध्यम से बच्चों को नो क्रैकरस ऑन दीवाली की सीख भी दी गई। इस मौैके पर शिवांगी शंखधार, वेदांत शर्मा, मनजीत खन्ना आदि थे।