दातागंज। बिनावर के गांव भगवानपुर में बुधवार सुबह नौ साल की छात्रा परी की बुखार से मौत हो गई। वह कक्षा पांचवीं की छात्रा थी। स्वास्थ्य विभाग की जांच में उसको मलेरिया संक्रमित बताया गया। छात्रा की मौत का पता चलने पर गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाया और जांच की। शिविर में चार मलेरिया के मरीज और मिले जबकि पहले से ही इस गांव के 16 लोग मलेरिया से संक्रमित हैं। सीएमओ व मलेरिया अधिकारी ने भी गांव का निरीक्षण किया।
जिले में इस समय वायरल के साथ मलेरिया का प्रकोप है। करीब एक हजार से अधिक मलेरिया संक्रमित मरीज हैं। मलेरिया से बुधवार को दूसरी मौत सामने आई है। पहली मौत दातागंज क्षेत्र के खेड़ा जलालपुर में 16 अगस्त को ज्ञानेदवी की हुई थी।
अब गांव भगवानपुर निवासी सर्वेश की नौ साल की बेटी परी की मौत बुधवार को हो गई। सर्वेश ने बताया कि उसके घर में तीन बच्चों को मलेरिया हुआ था। तीनों का सरकारी इलाज कराया गया। गांव की आशा रोजाना दवा चेक करने आ रहीं थीं। बुधवार की सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ी तो उसको बरेली लेकर जा रहे थे। रास्ते में ही बच्ची की मौत हो गई। वहीं, बुधवार को जांच में चार और मरीज मलेरिया संक्रमित मिले हैं। गांव में संक्रमितों की संख्या 20 हो गई है।
सीएमओ की गाड़ी देख झोलाछाप भागे, एक दुकान सीज
-सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा को जब बच्ची की मौत की सूचना मिली तो वह जिला मुख्यालय से गांव की ओर चल पड़े। दातागंज से लेकर समरेर तक कई झोलाछाप गाड़ी देखकर दुकान बंदकर भाग निकले। सीएमओ ने कई दुकानों को चेक भी किया है। वहीं, बौरा गांव में झोलाछाप की दुकान को देखा तो संचालक भाग गया। टीम ने दुकान को सील कर दिया।
बच्ची की मौत की सूचना पर गांव का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि बच्ची मलेरिया संक्रमित थी। उसकी दवा चल रही थी। तबीयत खराब होने पर किसी झोलाछाप से दवा दिला दी। इसी में बच्ची की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। गांव में संक्रमित लोगों को बताया गया है। सरकारी दवा 14 दिन लगातार खाएं।- डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
बौरा गांव में छोलाझाप डॉक्टर की दुकान की चेंकिग करते सीएमओ डॉ.रामेश्वर मिश्रा।स्रोत-स्वास्थ्य व
बौरा गांव में छोलाझाप डॉक्टर की दुकान की चेंकिग करते सीएमओ डॉ.रामेश्वर मिश्रा।स्रोत-स्वास्थ्य व