बदायूं। नायब तहसीलदार और पुलिस कर्मियों के बीच मारपीट के बाद शुरू हुआ राजस्व कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन रविवार को स्थगित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इससे सरकारी कामकाज ठप हो गए थे। किसी का आय-जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा था तो किसी के मुकदमे की सुनवाई नहीं हो पा रही थी। इस समस्या को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच होने तक हड़ताल स्थगित करा दी है।
सदर तहसील में तैनात नायब तहसीलदार अमित कुमार से मारपीट का मामला लगातार गर्माता जा रहा था। पिछले दो दिन से राजस्व कर्मचारी मारपीट के विरोध में काम बंद कर हड़ताल पर थे। सभी तहसीलों में शुक्रवार और शनिवार को कोई काम नहीं हुआ। यहां तक कि नायब तहसीलदार, तहसीलदार और एसडीएम न्यायालय में ताले डाल दिए गए। यहां काम करने वाले कर्मचारी-पेशगार तक इस हड़ताल में शामिल हो गए थे। इससे किसी मुकदमे में सुनवाई तक नहीं हो पा रही थी। जो वादी-प्रतिवादी इन न्यायालयों में आ रहे थे उन्हें अगली तारीख देकर लौटा दिया जा रहा था।
वहीं राजस्व अधिकारी भी इस हड़ताल में शामिल थे। लेखपाल तक कोई कार्य नहीं कर रहे थे। उन्होंने न तो किसी का आय-जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र बनाया। किसानों को खसरा-खतौनी तक नहीं दिए गए। तमाम शिकायती पत्र लंबित पड़े थे। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने राजस्व कर्मचारियों के साथ बात की। उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है। तब हड़ताल करना ठीक नहीं है। तीन दिन में इसकी जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। तब तक राजस्व कर्मचारी हड़ताल नहीं करेंगे।
अभी इस मामले की जांच चल रही है। जब कोई मामले की जांच चल रही होती है तो धरना-प्रदर्शन या हड़ताल करना उचित नहीं है। इसीलिए हड़ताल स्थगित कर दी गई है। घटना से जुड़े इंस्पेक्टर, नायब तहसीलदार और जिसके साथ एक्सीडेंट हुआ या जिसने एफआईआर दर्ज कराई। उनके समेत सभी लोगों को कार्यालय बुलाया गया है। वहां उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
- विजय कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन