कछला में महर्षि कश्यप घाट के पास धरना पर बैठे दुकानदारों और उनके परिजनों को समझाते पुलिस कर्मी।
उझानी/कछला (बदायूं)। सावन के महीना में कासगंज जिले के छोर वाले गंगाघाट पर कांवड़ियों की आवाजाही पर रोक से रविवार सुबह प्रसाद विक्रेताओं समेत दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा। दुकानदार अपने परिजनों के साथ घाट पर ही धरना देने के लिए बैठ गए। इसकी भनक लगते ही पुलिस चौकी इंचार्ज पहुंचे और दुकानदारों से बात की। दुकानदारों ने प्रशासन के फैसले को अपनी रोजी-रोटी पर संकट पैदा करने वाला बताया। अफसरों से बात कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया, तब कहीं दुकानदार धरनास्थल से उठे।
महर्षि कश्यप घाट कछला के बार्ड नंबर तीन में कासगंज जिले के छोर पर है। अपने परिजनों के साथ धरने पर बैठे दुकानदारों ने बताया कि कांवड़ यात्रा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। सावन महीना में इस घाट पर राजस्थान के अलावा एटा, मथुरा, हाथरस और कासगंज जिले के कांवड़िया भी जल भरने आते रहे हैं, लेकिन इस बार महर्षि कश्यप घाट पर कांवड़ियों के स्नान करने रोक लगाकर प्रशासन ने उनके साथ अन्याय किया है। उनकी प्रसाद और खानपान के सामान की दुकानों पर कोई भी नहीं आता।
करीब डेढ़ घंटे तक धरने पर बैठे सतीश, पप्पू, राजेंद्र, ओमपाल, सोनू और धर्म शर्मा आदि ने पुलिस चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार तिवारी को यह भी बताया कि दुकानदारी नहीं होने से उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। दुकानदारों ने कांवड़ मेला से उन्हें बेवजह वंचित किया गया है। बोले- अफसरों का यह कहना कि जलस्तर अधिक होने की वजह से हादसे होंगे, जो गलत है। चौकी इंचार्ज के समझाने पर दुकानदार धरना स्थल से उठकर घर चले गए।