बदायूं। जिले के उसहैत नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की दीवारें बाहर से भले ही चमचमा रही हों, लेकिन यहां व्यवस्था की तस्वीर खासी भयावह है। देश को झंकझोर कर रख देने वाली पश्चिमी बंगाल की घटना से भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। यहां रात के अंधेरे में एक स्टाफ नर्स व दाई रहती हैं। इनकी सुरक्षा को लेकर यहां कोई नहीं। सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे हैं। कई बार स्टाफ नर्स शिकायत कर चुकी हैं लेकिन जिम्मेदारों को कोई मतलब नहीं।
हाल ही में एक रात में पांच प्रसव कराने को लेकर उसहैत पीएचसी चर्चा में आई। रात में स्टाफ नर्स व दाई ने यहां बिजली जाने के बाद भी मोमबत्ती की रोशनी में पांच प्रसव कराए थे। जब यहां पीएचसी की पड़ताल की गई तो भयावह तस्वीर सामने आई। चिकित्सा प्रभारी डाॅ. रजिया व अन्य स्टाफ दिन में चार बजे तक तो मौजूद रहता है। इसके बाद पीएचसी महज स्टाफ नर्स के सहारे रह जाती है। यहां चार स्टाफ नर्स तैनात है। जिनकी शिफ्टवार ड्यूटी लगती है।
रात में यहां एक स्टाफ नर्स व दाई अकेले रहती हैं। बता दें कि उसहैत कस्बा काफी पिछड़ा व कटरी में है। अधिकारी रातों में यहां बिजली नहीं रहती। ऐसे में स्टाफ नर्स खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। चूंकि नौकरी करनी है इसलिए मजबूरी में पीएचसी पर रात में रुकना पड़ता है। कई बार डाक्टर से कहा लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हुए। बिजली जाने के बाद भगवान का नाम लेकर स्टाफ नर्स रात काटती हैं। हल्की सी आहट होने पर डर जाती है। एक स्टाफ नर्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रात में कई बार गर्भवती महिलाओं के साथ पुरुष भी आते हैं। शराब पीए होते हैं। ऐसे में खुद को काफी संभालना पड़ता है।
रात में पीएचसी में ड्यूटी जरूर करते हैं लेकिन काफी डर लगता है। सुरक्षा के यहां कोई इंतजाम नहीं है। अक्सर बिजली नहीं रहती। रात में मरीजों के साथ आए तीमारदारों से भी अक्सर कहासुनी हो जाती है। रात में सुरक्षा भगवान भरोसे हैं। कई बार डाक्टर से कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। - स्टाफ नर्स
रात में स्टाफ नर्स अकेले ही रहती है। सुरक्षा को लेकर कई बार अधिकारियों को बताया जा चुका है लेकिन अभी तक कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। हालांकि सामने थाना है इसलिए डरने की कोई बात नहीं है। - डाॅ. रजिया, प्रभारी चिकित्साधिकारी