बृहस्पतिवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में सीओ बिसौली पवन कुमार ने खुलासा करते हुए बताया कि 30 अक्तूबर को कनुआखेड़ा गांव में 65 वर्षीय जावित्री देवी का खून से लथपथ शव उसके घर में पड़ा मिला था। उस दौरान कुछ बच्चे घर के बाहर क्रिकेट खेल रहे थे। उनकी गेंद अचानक महिला के घर में जा गिरी। जब बच्चे गेंद लेने गए, तो उन्हें वृद्धा का शव पड़ा दिखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला के चंदौसी में रहने वाले होमगार्ड बेटे धर्मवीर और मुरादाबाद में रहने वाले सत्यवीर को सूचना दी। शाम को दोनों बेटे गांव पहुंचे। बाद में सत्यवीर ने गांव के रामबहादुर, उसके भाई नेत्रपाल और बेटे अजय बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा ने टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे। पुलिस ने महिला के दोनों बेटों और इसमें नामजद आरोपियों की डिटेल खंगाली। उनकी लोकेशन पता की, तो पता चला कि जावित्री देवी का बेटा सत्यवीर 28 अक्तूबर से मोबाइल बंद करके मुरादाबाद से लापता था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो सच्चाई उगल दी और मां की हत्या करना कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वालों को फंसाना चाहता था। इससे उसने 30 अक्तूबर की तड़के आकर अपनी मां की हत्या कर दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कांता भी बरामद कर लिया है। आरोपी सत्यवीर को जेल भेज दिया है।
28 अक्तूबर को बनाई थी योजना
सीओ ने बताया कि सत्यवीर ने 28 अक्तूबर को जेल में बंद अपने भाई किशन और विक्रम से बात की थी। उन्होंने कहा था कि वे पांच साल से जेल में हैं और वह कुछ नहीं कर रहा। सत्यवीर उसी दिन अपना मोबाइल बंद कर गांव आ गया और घर के बाहर कमरे में छिपकर बैठ गया। 30 अक्तूबर की तड़के मां की हत्या करके मुरादाबाद गया।