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Budaun News: सिर्फ एक बाल रोग विशेषज्ञ के सहारे चल रहा एसएनसीयूू

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महिला अस्पताल का एसएनसीयू वार्ड। संवाद
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महिला अस्पताल : एसएनसीयू में न वेंटिलेटर और न ही इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर
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देवेश कुमार मिश्रा
बदायूं। जिला महिला अस्पताल में बना शिशु गहन चिकित्सा केंद्र (एसएनसीयू) चार के मुकाबले सिर्फ एक बाल रोग विशेषज्ञ के सहारे चल रहा है। यहां न वेंटिलेटर है और न ही इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर। इसी का नतीजा है कि यहां हाल ही में लापरवाही के चलते दो नवजात की मौत हो चुकी है।
सन 2016 में नवजात को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए महिला अस्पताल में एसएनसीयू बनाया गया था। उस समय यहां किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं थी। सन 2019 में यहां बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप की तैनाती की गई। उनके सहयोग के लिए एक चिकित्सक डॉ. कुमार वासु हैं पर वह भी रात में नहीं आते। यहां चार बाल रोग विशेषज्ञ और चार मेडिकल ऑफीसर की जरूरत है पर सिर्फ एक ही बाल रोग विशेषज्ञ हैं। (संवाद)
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एक शिफ्ट में दो एएनएम की रहती है ड्यूटी
वार्ड में एक शिफ्ट में दो एएनएम की ड्यूटी रहती है। इसके अलावा भी चार नर्स और आधा दर्जन कर्मचारी तैनात हैं। फिलहाल एसएनसीयू में दस नवजात भर्ती हैं। तबीयत बिगड़ने पर ही ऑन कॉल चिकित्सक को बुलाया जाता है।




क्षमता से अधिक किया जा रहा बच्चों को भर्ती
एसएनसीयू में 12 नवजात को भर्ती करने की व्यवस्था है, पर कभी-कभी यहां इससे भी ज्यादा बच्चों को भर्ती किया जाता है, ऐसे में उनकी देखभाल सही से नहीं हो पाती। लापरवाही के चलते नवजात की मौत भी हो जाती है।

हाल में हो चुकी है दो नवजात की मौत
सिविल लाइंस क्षेत्र के नवादा इलाके के रहने वाले समीर की पत्नी सोनी को 30 दिसंबर को जुडवां बच्चे पैदा हुए। एक बच्चे का वजन कम होने पर उसको एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। यहां दो दिन बाद बच्चे की मौत हाे गई। इसी प्रकार दुर्गा कॉलोनी में रहने वाले अरुण की पत्नी सोनी को प्रसव पीड़ा होने पर महिला अस्पताल में 13 जनवरी को भर्ती कराया गया। अगले दिन सोमवार को उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। एसएनसीयू में 12 घंटे तक वार्मर मशीन नहीं मिलने से बच्ची की मौत हो गई।
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एसएनसीयू में शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी है। ऑन कॉल डॉक्टर को बुलाया जाता है। इसी प्रकार वेंटिलेटर भी नहीं है। शासन स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है। अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।



डॉ. इंदुकांत वर्मा, सीएमएस
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