संविलियन विद्यालय दियोहरा शेखपुर में परीक्षा देते बच्चे। संवाद
बदायूं। जिले में बुधवार से शुरू हुई परिषदीय स्कूलों की मुख्य परीक्षा मजाक बनकर रह गई। बच्चे फर्नीचर के अभाव में साथ-साथ बैठे हुए थे।कई बच्चों के पास किताबें भी थीं, जिनसे वह कॉपियों पर उत्तर लिख रहे थे।
प्रदेश सरकार की ओर से परिषदीय स्कूलों को कांवेंट स्कूलों की तर्ज पर अपडेट करने का प्लान है। इस दिशा में तेजी से काम भी चल रहा है, लेकिन परिषदीय स्कूलों की मुख्य परीक्षा ने शासन के दिशा-निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ाई हैं। इसका नतीजा बुधवार को परीक्षा के दौरान देखने को मिला। ब्लॉक दहगवां क्षेत्र के संविलियन विद्यालय दियोहरा शेखपुर में छात्र-छात्राएं एक-दूसरे से बात करते हुए और किताबें पलटते हुए प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे। यहीं हाल कादरचौक, दातागंज क्षेत्र के स्कूलों का रहा।
सचल दल भी करते रहे खानापूर्ति
बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए चार सचल दल गठित किए गए हैं। इन्होंने स्कूलों के निरीक्षण करने का दावा किया। साथ ही टीम द्वारा बताया कि जिले में नकलविहीन परीक्षा कराई गई, लेकिन हालत कुछ और बया कर रहे थे।
वजीरगंज ब्लॉक की तरफ स्कूलों को चेक किया था। वहां पर परीक्षा शासन की मंशा के अनुरूप कराई जा रही थी। ऐसे में कहीं कुछ कमियां रहीं हैं तो उनको दिखवाते हैं। -स्वाती भारती, बीएसए
संविलियन विद्यालय दियोहरा शेखपुर में परीक्षा देते बच्चे। संवाद