कथा सुनाते कथ व्यास अंकुश महाराज।संवाद
बदायूं। बिरुआबाड़ी मंदिर के भोला धाम में चल रही शिवपुराण कथा के पांचवें दिन शनिवार को कथावाचक अंकुश महाराज ने भगवान गणेश के जन्म और भगवान शिव के उनका शीश भंग करने की कथा सुनाई।
कथा व्यास ने कहा कि माता पार्वती जब स्नान करने के लिए तैयार हुईं तो उन्हें सुरक्षा के लिए वहां कोई नहीं दिखा। इस पर उन्होंने अपने शरीर के मैल से सुंदर बालक को उत्पन्न किया और उसे गणेश नाम दिया। मां पार्वती बालक को किसी को भी अंदर न आने देने का आदेश देकर स्नान करने चली गईं। जब भगवान शिव वहां आए, तो बालक गणेश ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। शिवजी ने गणेशजी को बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं माने तब शिवजी ने गुस्से में त्रिशूल से उनका शीश काट दिया। तब पार्वती जी ने रौद्ररूप धारण कर लिया। उनके क्रोधित होने पर भगवान शिव ने हथिनी के बच्चे का सिर लगाकर गणेश को जीवित कर दिया। यजमान हरीश सक्सेना, ओमप्रकाश पंकज शर्मा, रोहित सक्सेना आदि मौजूद रहे। संवाद
कथा सुनाते कथ व्यास अंकुश महाराज।संवाद