समायोजन रद्द होने के बाद हफ्ते भर से धरने पर बैठे शिक्षामित्रों ने आंदोलन जारी रखा है। शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए आश्वासन को मानने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक लिखित और सही तरह से सरकार की ओर से निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। उनका कहना है कि वे स्कूल जाने के बाद धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। हालांकि बिसौली विधायक कुशाग्र सागर ने शिक्षामित्रों का आमरण अनशन खत्म करवा दिया है। बता दें कि 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के समायोजन रद्द करने के बाद शिक्षामित्रों ने शहर के मालवीय आवास गृह पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसके बाद उन्होंने आमरण अनशन भी शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद उनका कहना है कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करे और उनके हित के लिए कोई रास्ता निकाले। उनका कहना है कि अगर 15 दिन में उनकी मांगों को पूरा नही किया गया तो उग्र आंदोलन करेंगे। हालांकि शिक्षामित्रों ने फिलहाल आमरण अनशन खत्म कर दिया है। बुधवार को मौके पर निर्भान सिंह, रवेंद्र सिंह, सतीश चंद्र गुप्ता, राजीव सिंह, बाबू खां, मुनेंद्र सिंह, विनोद राठौर, अनेकपाल, अवनीत कुमार, ओमेंद्र, राम गोपाल, मृदुलेश, जितेंद्र मिश्रा, सीमा भारती आदि मौजूद रहे।