बदायूं। परिवहन निगम में चल रहा वेतन कटौती का विवाद अभी शांत नहीं हुआ है। अब चर्चा है कि विरोध करने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। उन्हें दूसरे जिलों में स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। हालांकि अधिकारी इससे इन्कार कर रहे हैं।
एक दिन पहले परिवहन निगम के चालकों ने वेतन कटौती को लेकर वर्कशॉप में हंगामा कर दिया था। उन्होंने करीब तीन घंटे तक बसों का संचालन भी ठप रखा था। चालकों का कहना था कि जिन बसों में डीजल खर्च ज्यादा हो रहा है। उनके चालकों के वेतन से कटौती की जा रही है। इससे उन्होंने वेतन कटौती का विरोध किया था।
एआरएम धणेंद्र कुमार चौबे ने आश्वासन दिया था कि जिन बसों का डीजल खर्च ज्यादा आ रहा है। उनकी बसों का परीक्षण करा लिया जाएगा। इसके बावजूद परिवहन निगम के कर्मचारियों की समस्या खत्म नहीं हुई है। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि जिन कर्मचारियों ने वेतन कटौती का विरोध किया था। उनमें सात कर्मचारियों को दूसरे जिले में ट्रांसफर करने की तैयारी चल रही है। उन्हें कार्यालय बुलाकर जबरन हस्ताक्षर भी करा लिए गए हैं। एआरएम का कहना है कि ऐसा कोई मामला नहीं है। किसी कर्मचारी का ट्रांसफर नहीं किया जा रहा है।
पहले दिन बदायूं डिपो के चालकों का हुआ टेस्ट
बरेली। हादसे रोकने के लिए परिवहन निगम ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक पर चालकों का ड्राइविंग टेस्ट शुरू किया है। टेस्ट में फेल होने वाले नियमित चालकों से ड्राइविंग के स्थान पर दूसरा काम लिया जाएगा। संविदा चालकों की सेवाओं को समाप्त किया जाएगा। एसएम धनजी राम ने बताया कि बुधवार को बदायूं डिपो के पांच चालकों का टेस्ट लिया गया। बरेली, रुहेलखंड और पीलीभीत के चालकाें को भी टेस्ट के लिए अलग-अलग तारीखों पर बरेली बुलाया गया है। संवाद