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आस्था का ज्वार...डीजे साउंड व भोले का शृंगार, खर्चा सवा लाख के पार

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कछला से जलाभिषेक को निकली बरेली के रजऊ मंगनापुर के कांवड़ियों की टोली। संवाद - फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। सावन में भोले के प्रति आस्था के आगे भक्त न तो शारीरिक कष्ट देखते हैं और न उन्हें खर्चे की ही कोई चिंता होती है। ऐसा ही मंगलवार को गंगाघाट से जल भरकर निकलीं टोलियों में नाचते-गाते कांवड़ियों से रूबरू होने पर पता लगा। बरेली जिले में बिथरी चैनपुर के कांवड़ियों की टोली भी अनूठी ही थी। कांवड़ यात्रा शुरू करने से पहले ग्रामीणों ने भोले के शृंगार के सामान से लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और डीजे साउंड सिस्टम पर करीब सवा लाख रुपये खर्च कर दिए।
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बिथरी चैनपुर के गांव रजऊ मंगनापुर निवासी भोले की टोली में शामिल कांवड़ियों में चतुर सिंह ने बताया कि भोलेनाथ का जलाभिषेक उनके गांव के तमाम लोग पूरी श्रद्धा के साथ करते हैं। चतुर सिंह की टोली में करीब 45 भक्त शामिल हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर डीजे साउंड सिस्टम करीब 10 हजार रुपये में लगवाया। जनरेटर के लिए डीजल पर पांच हजार रुपये से अधिक खर्च नहीं होगा। सबसे ज्यादा खर्चा कांवड़ियों की ड्रेस और कांवड़ पर भोले के शृंगार के सामान पर आया। जलाभिषेक करने तक कुल मिलाकर करीब 1.25 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
टोली के तेज प्रकाश कहते हैं कि आस्था के आगे उन्हें खर्चे की कोई चिंता नहीं है। पूरे साल कमाते हैं तो पूजन के लिए इतना व्यय तो कर ही सकते हैं। रजऊ मंगनापुर के कांवड़ियों ने गांव के पास ही सिद्धपुर के शिव मंदिर में जलाभिषेक करने का निर्णय लिया है। जलाभिषेक बृहस्पतिवार को करेंगे। इसके अलावा शाहजहांपुर जिले के कलान निवासी कांवड़ियों की टोली के नायक हरीओम ने बताया कि सोमवार को पटना देवकली के मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। हरीओम की टोली के साथ कलाकार थिरकते दिखे तो पिकअप पर डीजे साउंड सिस्टम पर भोले के भजन गूंजते रहे। कलान के कांवड़ियों की टोली पर भी करीब 50 हजार रुपये का खर्चा आया है। कलान के ही नेत्रपाल ने बताया कि गांव की खुशहाली के लिए भोलेनाथ से कामना करेंगे। संवाद
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यह बोले शिवभक्त
गोला गोकर्णनाथ में करेंगे जलाभिषेक
कछला गंगाघाट से कांवड़ यात्रा शुरू कर चुके पीलीभीत जिले में बीसलपुर निवासी बलवीर सिंह में गजब का उत्साह नजर आया। उम्र के 55 साल पार कर चुके बलवीर ने बताया कि वह दूसरी बार जलाभिषेक करने के लिए निकले हैं। कोरोना काल में जलाभिषेक करने से वंचित रह गए। अब, मौका मिला है तो पैदल ही यात्रा करने का निर्णय ले लिया। डगर कठिन जरूर है लेकिन आस्था के आगे कुछ भी मुश्किल नहीं है। सोमवार सुबह तक यात्रा बड़ी ही आसानी से पूरी हो जाएगी। बच्चों के सुखचैन की कामना की है।
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तीन साल पहले लिया पैदल यात्रा का संकल्प
पैदल कांवड़ यात्रा कर रहे बरेली जिले के भुता क्षेत्र के गांव सुनौरा मुरारपुर निवासी तेजपाल पटेल कछला से तीसरी बार कांवड़ भरकर निकले हैं। खेती से जुड़े पटेल ने बताया कि एक बार उन्होंने बाइक सवार के साथ कांवड़ यात्रा की थी। गांव के कुछ लोग उसे पैदल चलते मिलते तो उसने भी तीन साल पहले भोले का नाम लेकर संकल्प ले लिया था कि वह भी कछला से पैदल चलकर गोला गोकर्णनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेगा। रास्ते में भोले का जयघोष करते हुए उनकी यात्रा का एक दिन पूरा हो गया। वह आस्था से सराबोर दिखे।
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भोलेनाथ की कृपा बनी रहे, यही है कामना
कांवड़ यात्रा के दौरान बरेली में बिथरीचैनपुर निवासी अंकुश राजपूत का अंदाज स्टाइलिश नजर आया। साथी कांवड़ियों को मनोरंजन कराते हुए आगे बढ़ते जा रहे अंकुश ने बताया कि शिवालय तक का सफर तीन दिन का है। रास्ते में कलाकारों के साथ झूम लेते हैं। थकने पर सड़क किनारे पेड़ की छांव मिलने पर आराम भी कर लेते हैं। अंकुश ने मनौती तो कोई नहीं मांगी है लेकिन उनका कहना है कि भोलेनाथ की कृपा होगी तो घर-परिवार में संपन्नता से आएगी। भोलेनाथ हरेक की इच्छा पूर्ति करते हैं।
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विश्वास रखिए, भोले की फौज करेगी मौज
बम-बम भोले करते हुए गांव के ही एक शिवभक्त के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल बरेली के भुता क्षेत्र के गांव सुनौरा मुनारपुर निवासी लोकेश गंगवार ने पहली बार कछला घाट के गंगाजल से जलाभिषेक करने की बात कही। बताया कि आंवला के गौरीशंकर मंदिर में दो बार जलाभिषेक कर चुका हूं। परिवार के सदस्यों में बड़े भाई ने चार साल पहले कांवड़ यात्रा की थी। उसी समय संकल्प ले लिया कि एक दिन वह भी पैदल चलकर शिव मंदिर में जलाभिषेक करेगा। भोले की फौज में शामिल किसी भी शिवभक्त को दिक्कत नहीं हो सकती।
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