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Budaun News: सरताज ने गूगल से हत्या का तरीका ढूंढा फिर दिया वारदात को अंजाम

Wed, 28 Aug 2024 05:13 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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उझानी (बदायूं)। सरताज काफी समय से पत्नी निदा की हत्या करने की योजना बना रहा था। हत्या कैसे की जाए, इसके लिए वह गूगल में सर्च कर तरीके ढूंढ रहा था। गला दबाकर हत्या करना उसे आसान लगा। इसके लिए उसने दिल्ली से ग्लब्स व चाकू खरीदा। घटना के खुलासे के साथ ही पुलिस ने इन्हें भी बरामद कर लिया।
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सरताज ने पुलिस को बताया कि निदा ने उसे बेइज्जत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रखी थी। धमकी देती थी कि वह उसे व उसके परिवार वालों को जेल भिजवा देगी। उसके लिए बेहद गंदे शब्द प्रयोग करती थी। जबकि शादी के बाद तीन साल वह मायके में रही। उसके साथ महज पिछले एक साल से वह दिल्ली में रघुवीरनगर में रह रही थी। इतना ही नहीं उसके परिवार वाले भी उसे अपमानित करते थे।

तानों व रोजाना के लड़ाई झगड़ों से तंग आकर उसने निदा की हत्या करने की ठान ली और इसके लिए गूगल पर हत्या करने के तरीके ढूंढकर देखता था। वह पिछले कई दिनों से सर्च कर रहा था कि गला दबाकर हत्या कैसे की जाती है। तब उसे हाथाें से गला दबाकर मारने व चाकू से गला रेत कर मारने, दोनों तरीके पता चल गए। इसके बाद सरताज ने दिल्ली से ग्लब्स व स्टील का चाकू खरीदा। इसके बाद उसने निदा को बताया कि उसके मायके कासगंज में एक वैध इलाज करते हैं। पहले बदायूं अपने घर जाएगा इसके बाद दोनों कासगंज चलेंगे। इस पर निदा यहां आने को तैयार हो गई। उझानी पहुंचते ही सरताज ने पहले निदा का गला दबाया। वह बेहोश हो गई लेकिन उसकी सांसें चल रही थीं। इस पर चाकू से दो बार उसका गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया। लूट की घटना सही लगे इसके लिए उसने गुन्नौर के पास निदा के पर्स से मोबाइल निकालकर स्वीच ऑफ कर बस में ही छोड़ दिया।
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रिश्ते में सरताज की ममेरी बहन थी पत्नी निदा

निदा रिश्ते में सरताज की ममेरी बहन थी। सरताज की मां नगमा की पहल पर ही निदा के साथ चार साल पहले उसका निकाह हुआ था। निदा कासगंज के बुधारी कलां गांव की रहने वाली थी। वह अपने पिता की इकलौती बेटी थी। सरताज व निदा के बीच दहेज को लेकर भी मनमुटाव था। सरताज निदा से दहेज की मांग करता था। इसी विवाद के कारण तीन साल निदा अपने मायके में रही। दोनों परिवार के बीच पुराना रिश्ता होने की वजह से निदा के पिता शफीक आलम ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज नहीं कराया। निदा के चचेरे भाई लईक अहमद ने बताया कि 23 दिन पहले ही सरताज बुधारी कलां से निदा को अपने साथ दिल्ली बुलाकर ले गया था। तीन साल से निदा मायके में ही रह रही थी।



निदा की मुट्ठी में थे सरताज के सिर के बाल

- फॉरेंसिक जांच के लिए मौके पर पहुंची टीम ने मुआयना कर नमूने लेने शुरू किए तो निदा की मुट्ठी में बाल नजर आए। वह किसी और के नहीं बल्कि सरताज के थे। गला दबाते समय निदा ने भी बचाव किया और सरताज के बाल पकड़कर खुद को छुड़ाने की कोशिश की। इस दौरान सरताज के बाल निदा की मुट्ठी में आ गए।

दाहिने हाथ की हथेली ने खोला हत्या का राज

बदायूं। निदा की हत्या के बाद सरताज ने लूट व हत्या का नाटक किया। बताया कि बचाने के प्रयास में उसके भी हाथ में चाकू लग गए। पुलिस ने जब देखा तो पता चला कि बाएं हाथ की हथेली पर चाकू के घाव है। जबकि दाहिने हाथ की हथेली पर एक भी घाव नहीं है। जबकि बचाव में सबसे पहले सीधे हाथ को आगे किया जाता। पुलिस उसे घटना स्थल पर ले गई। सीन रीक्रिएट किया तो सरताज बचाव में दाहिने हाथ का इस्तेमाल करता हुआ मिला। इसके बाद सरताज पुलिस के सवालों का जवाब नहीं दे सका और अपना जुर्म कबूल कर लिया। एसएसपी ने घटना का खुलासा करने के लिए टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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