फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरटीई: 942 को मिला स्कूल, 1670 बच्चों को मिली मायूसी

विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरे चरण के लिए एक से 30 मार्च तक किए जाएंगे आवेदन
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जिले में 942 छात्र-छात्राओं को लॉटरी के माध्यम से निजी स्कूलों को आवंटन किया गया है। हालांकि, 1670 को मायूसी हाथ लगी। अब दूसरे चरण के लिए एक से 30 मार्च से आवेदन किए जाएंगे।
आरटीई के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, पिछड़ा या सामान्य वर्ग जिनके परिवार की सालाना आय एक लाख से कम हो। ऐसे बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा दी जाती हैं। पहले चरण के लिए 20 जनवरी से 18 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इस बीच में 3130 बच्चों ने निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन किए। आवेदन पत्राें की जांच 19 से 25 फरवरी तक की गई और 26 फरवरी को 942 छात्र-छात्राओं को लॉटरी के माध्यम से निजी स्कूलों का आवंटन कर दिया गया। कमियां पाए जाने पर 518 आवेदन निरस्त कर दिए गए। पहले चरण में 1670 बच्चे प्रवेश से वंचित रह गए हैं।
विज्ञापन


पहले चरण में उड़ी नियमों की धज्जियां, गड़बड़ी सामने आईं
- निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश के पहले चरण में ही नियमों की धज्जियां उड़ा दी गई हैं। नियमानुसार उन्हीं बच्चों को निजी स्कूलों का आवंटन किया जाना था जिनके परिवार की सालाना आय एक लाख रुपये से कम है। पहले चरण में जहां सात-आठ रुपये सालान आय वाले परिवारों के बच्चों को स्कूलों का आवंटन कर दिया गया है वहीं 50-60 हजार रुपये सालान आय वाले परिवारों के बच्चों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। ऐसे में लॉटरी पद्धति पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन



आरटीई के तहत पहले चरण के लिए स्कूलों का आवंटन कर दिया गया है। वार्षिक आय एक लाख से कम परिवार के बच्चों को ही स्कूल आवंटित किए गए हैं। अगर कहीं पर आय दर्ज करने में कोई चूक हुई है तो उसे दिखवा कर दूर कराया जाएगा।- स्वाति भारती, बीएसए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें