बदायूं। वित्तीय वर्ष 2023-24 के समापन के आखिरी दिन रविवार को विभिन्न दफ्तरों में बजट खपाने के लिए अधिकारी कर्मचारी दिन भर जुटे रहे। बिल पास करने के बाद ट्रेजरी में जमा किए गए ताकि भुगतान खाते में आएं। ऐसे में कोषागार बंद होने के अंतिम समय तक भुगतान होता रहा। करीब 90 करोड़ रुपये का भुगतान ट्रेजरी द्वारा अंतिम दिन किया गया।
वैसे तो आचार संहिता लगने और वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन संडे तथा उससे पहले छुट्टियों की जानकारी थी। इसलिए अधिकतर काम तो पहले ही अधिकारियों और कर्मचारियों ने कर लिया था, लेकिन बचा कूचा काम और भुगतान शनिवार और रविवार को निबटाया गया। इसके चलते दिनभर सरकारी कार्यालय में अधिकारी से लेकर बाबू तक काम में व्यस्त दिखाई दिए। इसकी वजह से मुख्य कोषागार में फाइलों की चट्टे से लग गए थे। हालांकि कोषागार के कर्मचारियों द्वारा काफी तेजी से काम किया गया। इसका नतीजा यह हुआ है कि विभागों के द्वारा लगाई गई अधिकांश फाइलों को फाइनल करते हुए उनका भुगतान भी कर दिया।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 15 लोगों ने कराए बैनामे
-31 मार्च को वित्तीय वर्ष की समाप्ति हो गई। ऐसे में रविवार को भी दिनभर रजिस्ट्री कार्यालय खुला रहा। पूरे दिन में दोनों डिवीजन में मिलाकर कुल 15 बैनामें हुए। इसमें पहली डिवीजन में छह बैनामें हुए, जो छह लाख 36 हजार 310 रुपये के थे। दूसरी डिवीजन में नौ बैनामे हुए। जो आठ लाख 30 हजार 20 रुपये के हुए। सब रजिस्ट्रार द्वितीय लोकेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार सुबह 10 से शाम पांच बजे तक कार्यालय खोला।
-वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने की वजह से विभाग के द्वारा जो फाइल पेमेंट के लिए लगाई गई। उनकी जांच के बाद में करीब 90 करोड़ से अधिक का पेमेंट कर दिया गया।
-विकास चौधरी, वरिष्ठ कोषाधिकारी बदायूं