फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: भगदड़ में नहीं, हादसे का मंजर देख सदमे में गई रोशनी की जान

Thu, 04 Jul 2024 05:17 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
विज्ञापन
विज्ञापन
बिल्सी (बदायूं)। नगर के मोहल्ला संख्या पांच की रहने वाली किशोरी रोशनी की जान भगदड़ में नहीं गई। वह सेवादार थी और भगदड़ में फंसी महिलाओं को बचाने में लगी थी। उसने अपनी मौत से करीब आधा घंटे पहले फोन कॉल कर परिवार वालों को मौके के हालात बताए थे। इसके बाद परिजन और बिल्सी के सेवादार जब अस्पताल पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। सेवादार बताते हैं कि रोशनी के शरीर पर कहीं कोई चोट नहीं थी। परिजन मानते हैं कि हादसे के हालात देखकर हृदयाघात के कारण उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन

रोशनी (16) पुत्री स्वर्गीय कैलाश चंद्र अब इस दुनिया में नहीं है। वह बचपन से ही भोले बाबा की सेवादार का काम करने में जुट गई थी।मंगलवार को वह अपनी मां कमलेश के साथ हाथरस में हुए नारायण साकार हरि भोले बाबा के सत्संग कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। सत्संग खत्म होने के बाद मची भगदड़ में रोशनी भी मदद के लिए जुट गईं थीं। वह अस्पताल में पहुंच गई और वहां से किसी के मोबाइल से सेवादार कृपाल और अपने परिवार के लोगों को फोन किया था। कृपाल को सूचना देने के बाद रोशनी की फिर किसी से बात नहीं हुई और सूचना आई कि उसकी भी हादसे में जान चली गई है।
पोस्टमार्टम के बाद देररात रोशनी का शव घर पहुंचा। परिवार के लोगों ने बताया कि रोशनी हादसे के बाद सही हालत में अस्पताल गई थी, उसे कोई चोट नहीं लगी थी। ऐसा लगता है कि हादसे का मंजर देखकर रोशनी को सदमा लगा और दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। रोती बिलखती मां कमलेश ने बताया कि उसकी बेटी पिछले दस साल से साकार हरि बाबा की सेवादार का काम कर रही थी। जहां पर भी नारायण साकार हरि बाबा का सत्संग होता तो वह बेटी के साथ सेवा करने जाती थीं, लेकिन अब उनकी बेटी हमेशा-हमेशा के लिए उनसे दूर हो गई है।
विज्ञापन





शोक के चलते कॉलेज में अवकाश
बिल्सी। रोशनी नगर के महेश बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की छात्रा थी। हादसे में उसकी मौत की खबर सुनकर शिक्षकों में भी शोक छा गया। उसकी मृत्यु पर कॉलेज में बुधवार शोक के लिए अवकाश रहा। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ रोहताश कुमार, प्रबंध समिति के सदस्य मुकुल मालपाणी, आलोक सक्सेना, नरेश सक्सेना आदि ने दुख व्यक्त किया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें