बदायूं। राहत की उम्मीद लगाए 40 गांवों के 50 हजार से अधिक लोगों के लिए मुसीबत की बाढ़ सोमवार को और बढ़ गई। पिछले 24 घंटे में रामगंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर तक बढ़ा है। बाढ़ के पानी से चौतरफा देवरनिया, अकट व सकतपुर घिरे हुए हैं। तीन मार्गों पर एक से चार फुट तक पानी बह रहा है।
बाढ़ की वजह से लोग नाव का सहारा लेने पर मजबूर हो चुके हैं। जो मार्ग बाढ़ से कट गए हैं, उनमें आवागमन के दौरान हादसे का खतरा ज्यादा है। नवादा बदन से मौजमपुर, गढ़िया पैगंबरपुर मार्ग पर पुलिया का एप्रोच मार्ग रामगंगा की बाढ़ में बह गया है। स्कूली बच्चे हों या फिर अन्य लोग इसी मार्ग से खतरे के बीच सोमवार को दिन भर निकलते रहे।
लालपुर खादर-हजरतपुर मार्ग पर भी शेरपुर के निकट पुलिया की एप्रोच रोड कट गई। अकट कटकौरा के पास भी पुलिया का एप्रोच मार्ग पानी में बह गया। कुंडरा मंजरा से शाहजहांपुर की सीमा के पास भी बरी प्रसिद्धपुर पुलिया का एप्रोच मार्ग भी कट गया है। फिर भी लोग पानी के बीच से आवागमन कर रहे हैं।
नगरिया खनू से लालपुर खादर मार्ग का सौ मीटर हिस्से में गड्ढा हो गया है। प्रशासन ने यहां खतरे को देखते हुए दो स्टीमर और दो नाव लगाईं हैं। कुछ लोग कमर तक पानी के बीच भी गुजर रहे हैं।
वहीं, आलू के अलावा कोई और सब्जी भी नहीं मिल रही है। दातागंज के एसडीएम धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि क्षेत्र के लोगों को सतर्क किया है। उन्होंने अपना फोन नंबर 94544 15838 ग्रामीणों को दिया।
क्षतिग्रस्त फसलों का आंकलन करने में जुटी प्रशासनिक टीम
बदायूं। रामगंगा का जलस्तर कम होने पर तहसील प्रशासन की टीम क्षतिग्रस्त फसलों के आंकलन करने में लग गई है। इसमें तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व अधिकारी काम में लग गए है। जैसे-जैसे पानी कम हो रहा। वैसे ही सर्वे के काम में तेजी आ रही है।