आर्य समाज की ओर से आयोजित साप्ताहिक सत्संग में आर्यजनों ने यज्ञ में आहुति डालकर विश्व कल्याण की कामना की। वेदों की ओर लौटने के साथ महर्षि दयानंद सरस्वती के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। अध्यक्षता करते हुए डॉ. उमेश चंद्र गौड़ ने कहा कि वर्तमान समय में राष्ट्र की उन्नति के मार्गदर्शन के लिए आर्यसमाज की नितांत आवश्यकता है। महर्षि दयानंद के बताए दस नियमों के पालन से ही मानव का कल्याण संभव है। नन्हे लाल कश्यप ने कहा के वेदानुकुल मार्ग को अपनाकर हम स्वराज ला सकते हैं। महर्षि दयानंद के मिशन को पूरा कर सकते हैं। स्वामी ने हमेशा नारी के सम्मान व गौरवप को बढ़ाने का काम किया। नारी उत्थान के लिए आर्य समाज ने बहुत बड़ा कार्य किया है। धर्मेंद्र आर्य ने वेदों की ओर लौटने का आह्वान किया। इस मौके पर भानुप्रताप सिंह, डॉ. विकास सक्सेना, अमित वर्मा, केशव गर्ग, पुनीत कुमार कश्यप, प्रेमबाबू, योगेश पटेल, निखिल गुप्ता, मुनीष कुमार, धर्मवीर सिंह, विशाल वैश्य, पुष्पा देवी कश्यप, संध्या भारद्वाज, ऊषा गौड़, अनामिका सिंह, सीता सिंह, रजत कश्यप, अजय कश्यप, हिमांशु आदि मौजूद रहे।