बदायूं। अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार गुप्ता ने 13 वर्ष पुराने मामले में दुष्कर्म के आरोपी को सात वर्ष का कारावास सहित 13 हजार का जुर्माना डाला है। साथ ही सह आरोपी को अपहरण में साथ देने का दोषी मानते हुए पांच वर्ष की सजा व आठ हजार का अर्थ दंड डाला है।
अभियोजन पक्ष अनुसार वादी मुकदमा अरविंद कुमार ने थाना उसावां पर एक रिपोर्ट तीन अक्तूबर 2011 को लिखाई। इसमें कहा कि मेरी बेटी एक अक्तूबर सुबह चार बजे कमरे मेें नहीं थी। गांव के एक व्यक्ति ने बताया की मंशा नगला के श्यामू उर्फ सूर्यकांत, रामू व राजेश कुमार (पीड़िता) को साथ ले जाते देखा है। जब पीड़िता बरामद हुई तो उसने बताया कि श्यामू ने दुष्कर्म किया है। रामू की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। न्यायाधीश अभियोजक मुनेंद्र कुमार सिंह व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद श्यामू उर्फ सूर्यकांत को सात व राजेश कुमार को पांच वर्ष की सजा सुनाई।