उझानी में रासलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
उझानी। रामलीला महोत्सव में टू-इन वन मंचन दर्शकों के लिए राम और कृष्ण की लीलाओं के प्रसंगों से रूबरू करवा रहा है। रात में कलाकारों ने राम वनवास की लीला का मंचन किया तो दिन में दर्शक बृज के प्रसंगों से सराबोर हो गए। कान्हा ने मटकी फोड़ी तो उनके सखाओं ने माखन की लूट मचा दी।
शनिवार देर शाम शुरू रामलीला के तहत वृंदावन के कलाकारों ने राम वनवास की लीला का मंचन किया। रानी कैकई को दिए दोनों वचन पूरे करने के लिए दशरथ ने राम को वन भेजे जाने के बाद खुद भी प्राण त्याग दिए। राम वनवास की लीला का मंचन मेला परिसर से लेकर बाजार में भी किया गया। बाजार से होकर राम वन के लिए निकले। इसके अलावा रविवार पूर्वाह्न रासलीला के तहत कलाकारों ने माखनचोर की लीला का मंचन का दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। गोपियों के घरों में अपने सखाओं के साथ चोरी छिपे घुसे कान्हा ने माखन की मटकी फोड़ने का प्रसंग जीवंत कर दिया जो पात्र रामलीला में किरदार निभाते हैं, वही रासलीला का भी मंचन करते हैं। करीब चार दशक से इसी अंदाज में होने वाली राम और कृष्ण लीला के मंचन को लेकर कमेटी के अध्यक्ष धनसुख अग्रवाल ने बताया कि महोत्सव के तहत मेला में दिन में रात में दर्शकों की मौजूदगी रहती है। इसका फायदा दुकानदारों को भी मिलता है।