चकनाचूर हो गया था सिर, कई जगह से टूटी हड्डियां
हत्यारोपियों ने जयपाल और नीतू के शरीर पर पूरा गुस्सा उतार दिया था। फावड़ा और लाठी-डंडे लगने से जयपाल का सिर चकनाचूर हो गया था। दोनों के शरीर की कई हड्डियां टूट गईं थीं। जयपाल के हाथ, कंधे और पीठ पर रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ।
मां बोली- एक बेटे को खोकर तीन बच्चों को बचाया
जयपाल की मां मनी देवी ने बताया कि उन्होंने एक बेटे को खोकर अपने तीन बच्चों को बचा लिया। उस दौरान ऐसा माहौल था कि हत्यारोपी पूरे परिवार को मार देते। जब हत्यारोपियों ने उनके घर का दरवाजा खटखटाया था तो उस समय वह जाग चुके थे। उन्हें नहीं पता कि नीतू किस समय उनके घर आ गई थी। जैसे ही उनके बेटे जयपाल ने घर का दरवाजा खोला तो वह और नीतू घर के बाहर भागे। तभी आरोपी उन पर हमलावर हो गए।
आरोपियों ने जयपाल की गर्दन में फावड़ा मार दिया था। उसकी काफी गर्दन भी कट चुकी थी। यह देखकर उन्होंने छोटे बेटे मनमोहन, रामखिलाड़ी और बेटी खुशवती को घर के अंदर कर लिया और अंदर से कुंडी लगा ली। अगर वह ऐसा नहीं करती तो दोनों की हत्या के बाद उनके परिवार को भी शायद मार दिया जाता।