बदायूं। शुक्रवार को दिन भर बादल छाए रहने और बारिश होने से मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। शुक्रवार की सुबह हल्की बूंदाबांदी के साथ शुरू हुई। शाम होते-होते तेज बारिश होने लगी। कुछ क्षेत्रों में सुबह के समय भी तेज बारिश हुई। मौसम सर्द होने से लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।
यूं तो नवंबर की शुरुआत से मौसम में बदलाव आने लगा था। सुबह-शाम हल्की ठंड पड़ने लगी। दो दिन से आसमान में धुंध छाए रहने की वजह से धूप में तेजी नहीं रही। इससे भी तापमान में गिरावट आई। शुक्रवार सुबह से मौसम एकदम बदल गया। पूर्वाह्न करीब 11 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो करीब 15 मिनट तक चली। दोपहर एक बजे फिर से बूंदाबांदी हुई, जो पांच मिनट बाद बंद हो गई। इसकी वजह से लोगों को ठंड का एहसास होने लगा। लोगों ने गर्म कपड़े निकल लिए।
बिल्सी, बिसौली, सहसवान क्षेत्रों में भी हल्की बारिश हुई है। उघैती क्षेत्र में सुबह बूंदाबांदी हुई, हालांकि दिन में बारिश बंद रही। शाम के समय फिर बारिश शुरू हो गई। ऐसे में लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाए। बारिश से शाम के समय तापमान में गिरावट आ गई। डॉक्टर मौसम के इस बदलाव को स्वास्थ्य के लिए घातक बता रहे हैं। उनका कहना है कि अगर एहतियात नहीं बरती तो सर्दी, जुकाम, बुखार की चपेट में आ सकते हैं।
घरों, दुकानों पर लटकीं झालरें लोगों ने उतारीं
धनतेरस से ही लोगों ने दीपोत्सव के लिए घरों, प्रतिष्ठानों, दुकानों को बिजली की झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया है। शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे बारिश शुरू होने पर लोगों ने खराब होने के डर से झालरें उतार लीं। रंग-बिरंगे कागज की वंदनवार भी लगाई गई थी, जो भीगकर खराब हो गई।
मौसम बिगड़ने का बाजार पर भी दिखा असर
सुबह से मौसम खराब होने की वजह से लोग कम ही घरों से बाहर निकले। इसका असर बाजार में भी देखने के लिए मिला। धनतेरस पर जहां अमूमन सुबह नौ बजे के बाद ही लोग बाजार का रुख कर लेते हैं, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। दोपहर बाद एक साथ बाजार में भीड़ बढ़ी। इसकी वजह से दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को ही परेशानी हुई।
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गेहूं की बुवाई का काम प्रभावित
इस समय किसान गेहूं की बुवाई में व्यस्त हैं। शुक्रवार को हल्की बारिश होने से खेतों में नमी आ गई है। इसकी वजह से गेहूं की बुवाई का काम फिलहाल रुक गया है। किसानों का कहना है कि अगर शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहा तो बुवाई दो-तीन दिन के लिए रुक जाएगी।
बारिश में बच्चे को कपड़े से ढक्कर जाती महिला। संवाद