कुंवरगांव (बदायूं)। कुंवरगांव-विजयनगला की सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। इस सड़क पर चलना कितना मुश्किल है। इस सड़क पर बाइक से मात्र नौ किलोमीटर का सफर तय करने में एक घंटे का वक्त लग जाता है। यही हाल कुंवरगांव से वजीरगंज जाने वाली सड़क का भी है । इस सड़क पर भी चलना जोखिम भरा हुआ है।
गड्ढामुक्त सड़कों के तमाम सरकारी दावों के बावजूद क्षेत्र की सड़कों के हालत में सुधार नहीं हैं। गड्ढे में तब्दील हो चुकी इन सड़कों पर राहगीरों का चलना मुश्किल है। आए दिन बाइक सवार और साइकिल सवार गड्ढे की वजह से गिरकर घायल हो जा रहे हैं। कुंवरगांव विजयनगला सड़क पर हर दस मीटर की दूरी पर सड़क टूटकर गड्ढे की शक्ल ले चुकी है।
गंज, वनगढ़, यूसुफ नगर, बर्खिन गांव के पास इस सड़क की स्थिति काफी दयनीय है। यही हाल कुंवरगांव से वजीरगंज जाने वाली सड़क का भी है। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इसमें भरा पानी राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। बारिश से सड़कों के किनारे जमा पानी टूटी हुई सड़क के उपर से बह रहा है ।
क्या बोले लोग
इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा है। इन सड़कों पर बने गड्ढों की वजह से इस रास्ते से सफर करने वाले राहगीर आए दिन चोटिल हो जाते हैं। स्थानीय जन प्रतिनिधियों को इस पर ध्यान देना चाहिए। इससे लोगों को इस परेशानी से निजात मिल सके। - रजत शंखधार
गड्ढामुक्त सड़क के सरकारी दावे फेल हैं। अब तो इन सड़कों पर चलने से डर लगने लगा है। इस सड़क से होकर जाने वाले परिवार के सदस्य जब तक वापस नहीं आ जाते चिंता लगी रहती है - जुबैर
सड़क निर्माण में मानकों का ध्यान नहीं दिया जाता। विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से सड़कें मानक के अनुरूप नहीं बन पाती। इससे हल्की सी बारिश और वाहनों की आवाजाही से सड़कों की गिट्टी उखड़ जाती है। - अंकित उपाध्याय
विकास कार्य केवल कागजों पर सरकार के विकास के वादे कागजों तक ही सीमित हैं। जमीनी सच्चाई आंकड़ों के बिल्कुल विपरीत हैं। ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता लोगों पर भारी पड़ रही है। - हरपाल