बरेली। कासगंज से बदायूं होते हुए दिल्ली के लिए रेल सेवा जल्द शुरू हो सकती है। इसको लेकर कवायद करीब दो साल से चल रही है। इज्जतनगर रेल मंडल ने प्रस्ताव गोरखपुर मुख्यालय भेजा था। अब पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर मुख्यालय ने इस रेल रूट पर सप्ताह में चार दिन ट्रेन के संचालन के लिए हरी झंडी देते हुए रेलवे बोर्ड से अनुमति मांगी है।
कासगंज से बरेली की दूरी करीब 85 किमी है। इस रेल रूट पर सोरों, उझानी बदायूं स्टेशन पड़ते हैं। अब तक कासगंज से लेकर बदायूं तक के लोगों के पास दिल्ली की यात्रा के लिए एक मात्र सड़क यात्रा ही माध्यम है। दिल्ली या लखनऊ के लिए बदायूं, कासगंज से कोई ट्रेन नहीं है। करीब दो साल पहले केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा और बदायूं की सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य ने कासगंज, बदायूं से सीधी रेल सेवा का प्रस्ताव दिया था। रेलवे परामर्श समिति में कई बार सांसदों की ओर से रेल सेवा शुरू करने को लेकर कार्रवाई की जानकारी भी ली गई।
इज्जतनगर रेल मंडल ने पहले ही प्रस्ताव गोरखपुर मुख्यालय भेज दिया था। गोरखपुर मुख्यालय ने लोकसभा चुनाव से ऐन पहले ट्रेन के संचालन को हरी झंडी देते हुए रेलवे बोर्ड से अनुमति मांगी है। इस ट्रेन का अप-डाउन सप्ताह में चार-चार दिन संचालन होगा।
चुनाव से पहले मंत्री, सांसदों के प्रस्तावों पर लगने लगी मोहर
लोकसभा चुनाव से पहले मंत्री और सांसदों के प्रस्तावों पर रेलवे की मोहर लगने लगी है। इज्जतनगर रेल मंडल के तहत आने वाले करीब एक हजार किमी रेल नेटवर्क में बदायूं ही ऐसा जिला है जहां से दिल्ली और लखनऊ के लिए रेल नेटवर्क नहीं है। कासगंज से दिल्ली के लिए रेल नेटवर्क नहीं है, लेकिन कासगंज से कानपुर होते हुए लखनऊ तक रेल नेटवर्क है। कासगंज में रेलवे की पिट लाइन और रेल कोच डिपो पहले से हैं। ऐसे में कासगंज से बदायूं-बरेली वाया मुरादाबाद होते हुए दिल्ली के लिए रेल सेवा महत्वपूर्ण मानते हुए प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया है।
कासगंज से बदायूं-बरेली वाया मुरादाबाद होते हुए दिल्ली के लिए रेल सेवा प्रस्तावित है। ट्रेन को सप्ताह में कम से कम चार दिन चलाया जा सकता है। कासगंज में रेल कोच डिपो और पिट लाइन भी उपलब्ध है।- संदीप शर्मा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, इज्जतनगर रेल मंडल