बदायूं। अंडरग्राउंड केबल की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। पालिका प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले की शिकायत की थी लेकिन, न जांच हो सकी और न ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई अमल में लाई गई। इसका खामियाजा शहर के लोग आज तक भुगत रहे हैं। जब शहर में हाहाकार मचा तो अब फिर से इसकी मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया है। देखना यह होगा कि अब मरम्मत का कार्य होने के बाद शहर के लोगों को राहत मिलेगी या फिर लोगों को अपनी जान पर खेलकर शहर में रहना होगा।
अंडर ग्राउंड केबल शहर में वर्ष 2016 में डाली गई। इसके बाद से लगातार इस केबल में फॉल्ट हो रहे हैं। पालिका प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों ने इसकी शिकायत की थी। लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। अब बिजली विद्युत वितरण खंड के अधिकारियों ने समस्या को दूर करने के लिए शहर की अंडरग्राउंड केबल को बदलने का स्टीमेट शासन को भेजा है। इसी के साथ ही मरम्मत का कार्य भी शुरू करा दिया गया है।
सपा सरकार में डाली गई थी केबल
अंडरग्राउंड केबल सपा शासन में डाली गई थीं। इस दौरान तत्कालीन सांसद धर्मेंद्र यादव और शहर विधायक आबिद रजा के बीच खासी तनातनी हो गई थी। आबिद रजा की पत्नी फात्मा रजा उन दिनों नगर पालिका की चेयरमैन थीं। पालिका की ओर से केबल को मानक के अनुरूप न डालने की बात कहकर आपत्ति लगाई गई थी। इसके बाद विवाद बढ़ा तो आबिद रजा पार्टी से बाहर हो गए थे। इस मामले में आरोपों के बाद शासन स्तर से जांच कराई गई थी। करीब दो सौ पन्ने की जांच रिपोर्ट तत्कालीन सीओ विजिलेंस जेएस पाटनी ने बनाई थी। इससे बड़ा घोटाला उजागर होने की उम्मीद थी पर सपा शासन की कारगुजारी पर भाजपा शासन में भी पर्दा पड़ा हुआ है। भाजपा की सांसद रहीं संघमित्रा ने इस मामले में सीएम से मुलाकात भी की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका।