बिल्सी। तीन दिन पहले तबीयत खराब हाेने पर महेंद्र कस्बा के मोहल्ला तीन में एक झोलाछाप के यहां दवा लेने आया था। दवा देने के साथ ही उसने इंजेक्शन लगा दिया। देखते ही देखते युवक की मौत हो गई थी। आरोप है कि पुलिस ने डॉक्टर से आपसी सांठ-गांठ कर दोनों पक्षों में फैसला करा दिया।
स्वास्थ्य विभाग को जिले में झोलाछाप ही नहीं मिल रहे हैं। यहां आए दिन जिले में झोलाछापों के इलाज से लोगों की जान जा रही है। ऐसा ही एक मामला छह मार्च को सामने आया। थाना क्षेत्र के गांव नगला जाटान निवासी महेंद्र उर्फ कल्लू (35) पुत्र राजपाल की पांच मार्च को तबीयत खराब हुई थी। छह मार्च को उसने बिल्सी कस्बे में एक झोलाछाप के यहां दवा ली। आरोप था कि इंजेक्शन लगाने के कुछ ही देर में युवक ने दम तोड़ दिया। पुलिस द्वारा कराए गए फैसले की क्षेत्र में व्यापक चर्चा है। मृतक के छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं।
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इस तरह की कोई सूचना नहीं मिली है। न ही किसी ने शिकायत की है। अगर शिकायत मिलती है तो झोलाछाप की जांच करा कार्रवाई की जाएगी। डॉ. अब्दुल सलाम, सीएमओ
झोलाछाप के इलाज से किसकी कब मौत हुई किसने फैसला कराया यह कोई जानकारी नहीं है। उनके पास ऐसा कोई शिकायती पत्र ही नहीं आया। अगर ऐसा हुआ है तो मामले की जांच कर कार्रवाई कराई जाएगी। -कमलेश मिश्रा, इंस्पेक्टर बिल्सी