- तकरीरों में उलेमा ने दिया कौम की सलामती का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी (बदायूं)। हजरत सैय्यद भूड़ वाले बाबा के सालाना उर्स में बृहस्पतिवार को सैकड़ों की संख्या में जायरीन जुटे। उन्होंने बाबा की ज्यारत का सजदा किया, साथ ही मन्नत मांगी। अकीदतमंदों ने चादरपोशी की। कव्वालों ने अपनी पेशकश से समां बांध दिया।
बरेली-मथुरा हाईवे पर छतुइया रेल फाटक के समीप स्थित भूड़ वाले बाबा की ज्यारत पर अकीतदमंदों के जुटने का सिलसिला बुधवार दोपहर से ही शुरू हो गया था। देर शाम दिल्ली के दिलबर सुल्तानी कव्वाल और नैनीताल से महताब साबरी ने कव्वालियां सुनाना शुरू किया तो श्रोता झूम उठे। दिलबर सुल्तानी ने सुनाया- जब से तुमको देखा है, और कुछ नहीं जंचता। महताब साबरी ने फरमाया- चौखट पे अकीदत से जो आया है, बाबा ने उसे अपनाया है। दोनों कव्वालों का उर्स कमेटी के संचालक असलम ने स्वागत किया।
उर्स में आसपास जिलों से भी जायरीन आए। अकीदतमंदों समेत जायरीन ने बाबा की ज्यारत पर चादरपोशी की। अकीदतमंदों में अली शेर ने बताया कि बाबा की ज्यारत पर मत्था टेकने से हर मन्नत पूरी होती है। उर्स के आसपास लगी खानपान समेत अन्य सामान की दुकानों पर भी भीड़भाड़ नजर आई। इस मौके पर नवी शेर, शेर मोहम्मद, जमील अल्वी, नदीम अल्वी, जान मोहम्मद, नूर मोहम्मद, शान मोहम्मद, बाबू मियां, शकील अल्वी, मुनव्वर, पप्पू मियां और अकील अहमद आदि मौजूद रहे।