बदायूं। महिला के शव से आंखें निकालने के मामले में सीएमओ और डॉक्टरों के बाद पोस्टमार्टम स्टाफ पर भी कार्रवाई हो सकती है। इसका फैसला मजिस्ट्रेटी जांच की रिपोर्ट के आधार पर होगा जो अंतिम चरण में है।
मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव रसूला निवासी पूजा पत्नी जोगेंद्र ने 10 दिसंबर 2023 को फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। उस दिन शाम को पूजा का शव मोर्चरी में रखवा दिया गया। दूसरे दिन दोपहर में उसके शव का पोस्टमार्टम हुआ था। मायके वालों का कहना था कि पोस्टमार्टम से पहले पूजा की आंखें बिल्कुल ठीक थीं लेकिन जब वह पोस्टमार्टम के बाद पूजा का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे तो आंखें नदारद मिलीं।
इसके बाद परिवार वाले डीएम कार्यालय पहुंचे थे और पूरे मामले की शिकायत की थी। डीएम मनोज कुमार ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए महिला के शव का दोबारा पोस्टमार्टम करने का आदेश किया था और मजिस्ट्रेटी जांच के भी आदेश दिए थे। उसी रात दोबारा पैनल में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें पहला पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की लापरवाही उजागर हुई थी। 12 दिसंबर को पूजा के भाई ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। 13 दिसंबर को सिविल लाइंस पुलिस ने डॉ. मोहम्मद उवैस और डॉ. मोहम्मद आरिफ हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस दौरान डीएम ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का बोर्ड गठित करके भी जांच कराई। हालांकि बोर्ड की जांच रिपोर्ट में किसी जानवर द्वारा आंखें नोचने की बात लिखी गई लेकिन अब इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है।
एडीएम प्रशासन विजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में चल रही जांच में सीओ सिटी आलोक मिश्रा और नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. कुशलपाल सिंह भी शामिल हैं। इसमें दोनों पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और सभी कर्मचारियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इसमें पहला पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर अभी जमानत पर हैं और उन्हें निलंबित भी किया जा चुका है लेकिन अभी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। इस जांच रिपोर्ट के आने के बाद कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
जांच चल रही है। सभी कर्मचारियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अभी कुछ काम शेष रह गया है, उस पर काम किया जा रहा है। जल्द ही जांच रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी। - विजय कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन
पूजा । फाइल फोटो