मंडी समिति के पास टूटा पड़ा रोड। संवाद
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बदायूं। शहर में मंडी से होकर गुजरने वाले खस्ताहाल मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे को दुरुस्त कराने के लिए न सिर्फ स्थानीय लोग कई बार मांग उठा चुके हैं, बल्कि विभाग की ओर से भी प्रस्ताव पर प्रस्ताव बनाकर भेजे गए, लेकिन शासन स्तर से अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। इस सड़क में एक से दो फुट गहरे गड्ढे हो गए। एक साल में तीन-तीन प्रस्तावों के बाद भी मंजूरी न मिलना समझा से परे है।
मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे शहर से अलापुर होते हुए उसावां को जाता है। इस रोड पर गौरीशंकर मंदिर से मंडी समिति से आगे तक करीब नौ सौ मीटर का रोड पूरी तरह से टूटा हुआ है। जगह-जगह एक से दो फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं। इसको बनवाने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से तीन बार प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया, जिसमें दो बार इस टूटे हुए हिस्से को बनवाने के लिए और एक बार बदायूं से उसावां तक पूरे रोड के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव शामिल था, लेकिन अभी तक प्रस्ताव पास नहीं हो सका।
पहले 3.30 करोड़ में बनाना था टूटा रोड, बाद में बढ़ी धनराशि
दिसंबर 2021 में इस सड़क को बनवाने के लिए तीन करोड़, 30 लाख रुपये की कार्य योजना लोक निर्माण विभाग ने बनाकर भेजी थी, लेकिन शासन स्तर से आठ माह तक कोई सुध नहीं ली गई। अचानक शासन ने सितंबर 2022 में इसकी कार्य योजना को दोबारा बनाकर भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद में विभाग की ओर से फिर से कार्ययोजना बनाकर शासन को भेज दी, लेकिन सड़क के बदलते हालात को देखते हुए इसकी लागत बढ़ाकर पांच करोड़, 25 लाख कर दी गई। इसी माह की शुरुआत में शासन ने बदायूं से उसावां तक इस रोड के सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण की कार्ययोजना मांगी। ऐसे में विभाग की ओर से 125 करोड़ की कार्ययोजना भेजी गई, लेकिन अभी तक यह स्वीकृत नहीं हुई और न विभाग को इसे बनाने के लिए धनराशि दी गई।
यहां से पूरे रोड की कार्ययोजना बनाकर भेज दी गई है, लेकिन शासन स्तर से फाइल को स्वीकृति न मिल पाने के कारण विभाग को धनराशि का आवंटन नहीं हो सका है। ऐसे में इस सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। -मनीष सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।