उझानी। बच्चों का पुष्टाहार गड्ढे में दबाने के दौरान हंगामा करने वाले आठ लोगों के खिलाफ पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई की है।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव गिरधरपुर में चार दिन पहले ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर प्राथमिक विद्यालय परिसर में गड्ढा खोदकर पुष्टाहार दबाने का आरोप लगाया था। इसके बाद मौके पर जुटे ग्रामीणों ने प्रदर्शन और हंगामा भी किया था। प्रदर्शनकारियों की सूचना के बाद ही पुलिस और प्रभारी सीडीपीओ मौके पर पहुंची थीं। इस मामले में पुलिस ने अब ग्रामीणों पर निरोधात्मक कार्रवाई की है। दरोगा संजय सिरोही ने बताया कि मौके पर हालात देख शांति व्यवस्था को खतरा बना हुआ है। आठ लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। वहीं, पुलिस कार्रवाई से ग्रामीण भी भड़के हुए हैं। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों में पुष्पेंद्र ने बताया कि गोलमाल के आरोप की जांच और दोषी पर कार्रवाई की बजाय उन्हीं लोगों को फंसाया जा रहा है, जिन्होंने हकीकत उजागर की है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद डीपीओ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की विभागीय स्तर से जांच शुरू करा दी है।
बीएसए से की मिड-डे मील की शिकायत
गिरधरपुर से जुड़े मामले में बृहस्पतिवार को गांव निवासी अधिवक्ता नेम सिंह की ओर से एक और शिकायत बेसिक शिक्षाधिकारी से की गई है। आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को मिड-डे मील गुणवत्ता के अनुरूप नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रधानाध्यापक की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। पिछले दिनों बच्चों ने खिचड़ी की शिकायत की थी, इसके बाद से ही बच्चों को परेशान किया जाने लगा था। बच्चों का पक्ष अभिभावकों ने रखा तो गौर नहीं किया गया, बल्कि शिकायत करने वाले लोगों पर ही शिकंजा कसा जा रहा है।