एसके कॉलेज के मैदान पर में क्रिकेट मैच का अभ्यास करते बच्चे। संवाद
बदायूं। जिले में सरकारी कोच न होने की वजह से बदायूं क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव बच्चों को निशुल्क कोचिंग दे रहे हैं। इससे खिलाड़ियों को क्रिकेट की बारीकी सीखने को मिल रही है। इनमें कई बच्चे भारतीय टीम की ओर से भी खेलना चाहते हैं।
बदायूं क्रिकेट एसोसिएशन सचिव संतोष शर्मा का सपना है कि बदायूं के होनहार क्रिकेटर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करें। इसके लिए वह खिलाड़ियों की पौधशाला तैयार कर रहे हैं। प्राइवेट तौर पर क्रिकेट के गुण सीख रहे संतोष की कोचिंग में कई बच्चे ऐसे हैं जो विराट और रोहित शर्मा की तरह खिलाड़ी बनना चाहते हैं। प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी लगन के साथ कोचिंग ग्रहण कर रहे हैं। दरअसल, जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट का कोई भी कोच नहीं है। इसकी वजह से क्रिकेट में रुचि रखने वाले बच्चे निराश हैं। ऐसे बच्चों ने संतोष शर्मा को अपना द्रोणाचार्य बनाया है और उन्हीं से क्रिकेट की बारीकियां सीख रहे हैं।
रोहित शर्मा पसंदीदा खिलाड़ी हैं। उनके तरह वह भारत की टीम में खेलना चाहते हैं। इसके लिए अभी से तैयारी कर रहे हैं।
सार्थक, खिलाड़ी
विरोट कोहली की तरह से कोई खिलाड़ी नहीं है। वह सबसे अच्छे खिलाड़ी है। वह हमेशा देश के लिए खेलते हैं। मैं भी उनकी तरह बनूंगा।
-वीर, खिलाड़ी
बच्चे यहां से निकलकर देश-प्रदेश में नाम रोशन करें। यहीं तमन्ना है, ताकि हम लोग भी गर्व से कह सकें कि भारत की टीम में बदायूं ने भी प्रतिभाग किया।
संतोष शर्मा, सचिव बदायूं क्रिकेट एसोसिएशन
एसके कॉलेज के मैदान पर में क्रिकेट मैच का अभ्यास करते बच्चे। संवाद
एसके कॉलेज के मैदान पर में क्रिकेट मैच का अभ्यास करते बच्चे। संवाद