ओडीएफ कार्यशाला में लिया जा रहा संकल्प विकास खंड सालारपुर के गांव फकिराबाद में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। यहां 450 में से महज 10 परिवार वालों के पास ही शौचालय है, जो नियमित इस्तेमाल भी करते हैं। जबकि गांव के जिम्मेदार प्रधान, आशा वर्कर और कोटेदार के परिवार तक खुले में शौच को जाते हैं। इनके यहां शौचालय निर्माण होना प्रारंभ हुआ है। सोचना की बात यह है कि जब गांव के प्रतिनिधित्व करने वाले ही खुले में शौच को जाएंगे तो अन्य ग्रामीणों को आखिर कौन जागरूक करेगा। यहीं वजह है कि पूरा गांव खुले में जाने को मजबूर है। जिला मुख्यालय से करीब 21 किमी दूर स्थित गांव में एक भी शौचालय का निर्माण सरकार की तरफ से नहीं कराया गया है। जो हैं वह ग्रामीणों ने स्वयं बनवाए हैं। आशा वर्कर राजो देवी ने बताया कि शौचालय बनवाना शुरू कर दिया गया है।