बदायूं। सिविल जज ज्योत्सना राय के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने (हैंगिंग) से मौत पुष्टि हुई है। शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। इसके लिए उझानी सीएचसी से डॉ. हरीश कुमार, जिला अस्पताल से डॉ. राजेश कुमार वर्मा और महिला अस्पताल से डॉ. अनामिका सिंह को बुलाया गया। तीनों ने संयुक्त रूप से शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई।
इधर, सूत्रों का कहना है कि पीठ पर नीले निशान देखे गए थे, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, ये निशान शव के काफी देर तक लटके रहने के कारण भी हो सकते हैं। शरीर पर किसी प्रकार की चोट का निशान नहीं मिला है।
एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि महिला जज के शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया था। मौत का कारण हैंगिंग आया है। उनके परिवार वाले शव को अयोध्या ले गए हैं। पिता ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकलवाई जा रही है। इसमें सभी पहलुओं पर जांच कराई जाएगी। उसमें जो सच्चाई निकलकर सामने आएगी, उसके अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।
भगवान से भी लिखकर करती थीं बात
सूत्रों के अनुसार, महिला जज काफी भावुक थीं और ईश्वर में उनकी गहरी आस्था थी। यही वजह थी कि वह ईश्वर से लिखकर बात करती थीं। बताते हैं कि उनके कमरे में मिले कुछ पन्नों पर लिखा था- ''मैं अपनी बातें किससे शेयर करूं। मैं भी चाहती हूं कि अपनी बात किसी को बता सकूं। मेरे पास ऐसा कोई नहीं है।'' भगवान के बारे में लिखा ''भगवान आप मेरे साथ इतना क्यों हो।''