बदायं। सपा की तीसरी और चौथी सूची में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार न होने का मुद्दा उठाते हुए पूर्व विधायक आबिद रजा ने सियासी तीर चलाए। वह सपा के राष्ट्रीय सचिव पद से इस्तीफा दे चुके हैं लेकिन सपा के सदस्य हैं। उनका कहना है कि सपा मुस्लिम नेताओं का अपमान कर रही है। वह मुस्लिमों के सियासी वजूद को खत्म कर रही है। एमपी-एमएलए बनाए बगैर वोट लेने की साजिश है। अब भी मुस्लिम न चेते तो बड़ा सियासी नुकसान उठाना पड़ेगा। संवाद