वजीरगंज। रोटा गांव के बाद बुधवार रात मिले धर्मेंद्र के शव के मामले में परिजन ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस इसे हादसा मान रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर की अधिकांश हड्डियां टूटने व चोट से मौत होना पाया गया है।
थाना क्षेत्र के गांव खुर्रमपुर भमोरी निवासी धर्मेंद्र (45) लेबर ठेकेदार था। बुधवार को तीन लोग उसके घर पहुंचे। उन्हीं के साथ धर्मेंद्र घर से वजीरगंज तक जाने की बात कहकर निकला था। शाम तक तीनों के साथ उसने शराब पी और पकौड़ी खाई। रात करीब दस बजे उसका शव रोटा गांव के पास हाईवे के किनारे पड़ा मिला। पुलिस ने इसको हादसा मानते हुए शव जिला मुख्यालय भेज दिया और परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
परिजनों का कहना है कि जो लोग उसको घर से बुलाकर ले गए उनसे पूछताछ करें। जब वजीरगंज तक आया तो रोटा के पास तक वह कैसे पहुंच गया। उनको शक है कि शराब पीने के बाद उसकी हत्या कर शव सड़क किनारे फेंका गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या जैसी पुष्टि नहीं हुई है। उसकी मौत किसी हादसे में होने की पुष्टि की गई है। क्योंकि उसके शरीर का कोई ऐसा अंग नहीं बचा था जो टूटा नहीं था। ऐसा तभी होता है जब कोई वाहन रौंदता हुआ चला जाता है।
इंस्पेक्टर अरविंद कुमार का कहना है कि हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। उसका शव देखकर ही किसी वाहन की टक्कर से मौत होना दिख रहा था। परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है। अगर तहरीर मिलती है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी।