(20 बीडीएन-03)मृतक श्रीपाल के घर पर विलाप करती महलाएं।संवाद
बदायूं। सहसवान कोतवाली में आत्मदाह की कोशिश करने वाले श्रीपाल का शव सोमवार शाम केशोंपुर की मढ़ैय्या गांव पहुंचा। इसके बाद परिवार में चीत्कार मच गया। परिवार वाले कार्रवाई कराने को अड़ गए। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। इसकी सूचना पर देर रात एसडीएम विजय मिश्रा पहुंचे। कई थानों की पुलिस भी पहुंच गई। देर रात तक परिवार वालों को समझाने की कोशिश चलती रही।
छह फरवरी को श्रीपाल ने पुलिस के उत्पीड़न से परेशान होकर सहसवान कोतवाली में केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी। दो दिन उनका उपचार सैफई मेडिकल कॉलेज में चला। तीसरे दिन परिवार वाले उन्हें बरेली ले गए लेकिन फिर भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार को परिवार वाले दिल्ली के एम्स ले गए थे। जहां रविवार सुबह मौत हो गई। दिल्ली में ही उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
सोमवार दोपहर परिवार वाले श्रीपाल का शव लेकर गांव पहुंचे। श्रीपाल के घर पर पहले ही लोगों की भीड़ जमा थी। परिवार वाले आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई पर अड़ गए। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने से ही मना कर दिया। जब एसडीएम विजय मिश्रा को पता चला तो वो देर शाम गांव पहुंचे। कई थानों की पुलिस भी बुला ली गई। एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा, सीओ चंद्रपाल सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने परिवार वालों को समझाने की कोशिश की। परिवार वाले अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। देर रात तक एसडीएम गांव में मौजूद रहे।
यूपी डेमोक्रेटिक फोरम की टीम करेगी दौरा
श्रीपाल की मौत पर यूपी डेमोक्रेटिक फोरम की टीम मंगलवार को गांव का दौरा कर परिजनों से मिलेगी। फोरम के प्रदेश कोऑर्डिनेटर अजीत सिंह यादव ने श्रीपाल की मौत के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज नहीं बल्कि, पुलिस राज चल रहा है। पुलिस थाने -कोतवाली आम नागरिकों के उत्पीड़न , दमन और भ्रष्टाचार के अड्डे बन गए हैं।
(20 बीडीएन-03)मृतक श्रीपाल के घर पर विलाप करती महलाएं।संवाद
(20 बीडीएन-03)मृतक श्रीपाल के घर पर विलाप करती महलाएं।संवाद