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पुलिस की पशु तस्करों से मुठभेड़, दो तस्करों को लगी गोली, दो सिपाही भी घायल

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गोली लगने से घायल सिपाही को जिला अस्पताल ले जाते पुलिस कर्मी। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं/कादरचौक। कादरचौक में शनिवार रात करीब दो बजे पुलिस की पशु तस्करों से मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं, जिसमें दो पशु तस्कर पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जबकि एक सिपाही को बांह में गोली लग गई। एक सिपाही सामान्य चोट लगने से घायल हुआ है। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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एसओ वेदपाल सिंह शनिवार रात थाना क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। एसओ के मुताबिक वह रात दो बजे कादरबाड़ी तिराहे पर पहुंचे थे। तभी उन्हें सूचना मिली कि कादरबाड़ी के जंगल में अजान पुत्र नब्बी के खेत में कुछ तस्कर संरक्षित पशु को काट रहे हैं। उनके पास मांस काटने से लेकर उसे पैक करने तक का सामान मौजूद है। इसके बाद टीम बनाकर तस्करों की घेराबंदी शुरू कर दी गई, पर तस्करों को इसकी भनक लग गई। उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। पुलिस ने गोली लगने से घायल दोनों तस्करों को पकड़ कर जेल भेज दिया है। वहीं फायरिंग करते हुए दो भाग गए।
मौके पर करीब तीन सौ किलो संरक्षित पशु का मांस रखा हुआ था। साथ ही कुल्हाड़ी, चाकू, छुरी, संरक्षित पशु का सिर और उसकी खाल भी रखी थी। पुलिस ने तस्करों से नाम-पता पूछा तो घायल तस्करों ने अपने नाम फजल हुसैन पुत्र मोहम्मद हुसैन और अनिक अहमद पुत्र सफी रियासत बताए, जबकि गुड्डू उर्फ आमिर पुत्र होशियार और अजारुद्दीन पुत्र अमजद भाग गए। सिपाही आशाराम को बांह में गोली लगी है, वहीं सिपाही रामनरेश को चोट आई है। मौके से बरामद मांस को सैंपल लेकर दफन करा दिया है। चारों तस्करों के खिलाफ चार मामले दर्ज किए गए हैं।
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खेत में ही पैक करके मांस बेच रहे थे तस्कर
ग्राम कादरबाड़ी निवासी ये तस्कर बेहद शातिर हैं। उनके बारे में अधिकतर लोग जानते हैं। उन्होंने न सिर्फ संरक्षित पशु की हत्या की, बल्कि उसका मांस खेत में ही बेच रहे थे। वह पशु काटने के औजार के अलावा तराजू बाट और पॉलिथीन लेकर गए थे। वहीं, मांस पैक करके नजदीक परिचित लोगों को बेच भी रहे थे।
हर तस्करी में माहिर हैं यह तस्कर
मुठभेड़ में पकड़े गए तस्कर केवल पशु तस्करी में ही नहीं और तमाम तस्करी में माहिर हैं। बताते हैं कि कादरबाड़ी इलाके में कुछ समय पहले काफी संख्या में सारस हुआ करते थे। इन तस्करों ने शिकार करते करते उनका इलाके से नामोनिशान मिटा दिया। इसके अलावा महंगी लकड़ी वाले पेड़ों को भी रातों-रात काटकर गायब कर दिया।
पुलिस में हैं तस्करों के मुखबिर, पहुंचती है हर खबर
थाना पुलिस ने जिस तरह शनिवार रात मुखबिर की सूचना पर दो पशु तस्करों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, वैसे ही इन पशु तस्करों के मुखबिर भी पुलिस में हैं। पर, रात उनका मुखबिर चूक गया। इससे तस्करों तक सूचना नहीं पहुंची और पुलिस ने अपना काम कर दिया।
शनिवार रात जैसे ही एसओ वेदपाल सिंह को सूचना मिली कि कादरबाड़ी के जंगल में तस्कर संरक्षित पशु काटे जा रहे हैं, वैसे ही उन्होंने अपने विश्वसनीय पुलिस कर्मियों को एकत्र किया, बाकी किसी को सूचना तक नहीं दी गई। इससे पुलिस का प्लान सफल हुआ और तस्कर पकड़े गए। अगर इसमें सही से जांच हो गई तो तस्करों के मुखबिर के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
- शनिवार रात पुलिस टीम ने सूचना पर तैयारी के साथ तस्करों की घेराबंदी की। पूरी सावधानी बरती गई। जब तस्करों ने फायरिंग की तो पुलिस की ओर से भी दो राउंड फायरिंग हुई, जिसमें दो तस्करों को गोली लग गई। इसमें दो सिपाही घायल हुए हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। - शक्ति सिंह, सीओ उझानी
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