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Budaun News: दूसरे जिलाें में मिल रहे बदायूं के लोग फाइलेरिया संक्रमित, फिर से होगा सर्वे

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जिला अस्पताल का मलेरिया विभाग। संवाद
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बदायूं। जिले में पहली बार स्वास्थ्य विभाग ने नवंबर में फाइलेरिया के मरीजों की खोज के लिए सर्वे कराया था। हर ब्लाॅक के दो-दो गांवों से 300-300 सौ सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए, लेकिन एक में भी फाइलेरिया की पुष्टि नहीं हुई। अब जिले के चार लोग दूसरे जिलों में कराई गई जांच में फाइलेरिया संक्रमित पाए गए हैं।
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डेंगू, मलेरिया की तरह ही फाइलेरिया भी मच्छर जनित बीमारी है। फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। यह बीमारी बनारस की तरफ अधिक पाई जाती है, लेकिन आसपास के जिलों में फाइलेरिया के मरीज मिलने के बाद शासन ने बदायूं में भी इसका सर्वे कराने के मलेरिया विभाग को निर्देश दिए थे। इसके बाद जिले के 15 ब्लॉकों के 15 चिह्नित और 15 गैरचिह्नित यानी कुल 30 गांवों में सर्वे किया गया।
शहरी क्षेत्र से जुड़े दो गावों में भी सर्वे हुआ था। इस तरह 30 गांवों से कुल 9,600 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए, लेकिन एक भी मरीज संक्रमित नहीं पाया गया। दूसरे जनपद में रहकर मेहनत-मजदूरी कर रहे दातागंज, जगत के गांव जखेली, उसावां और शहर का एक व्यक्ति फाइलेरिया संक्रमित मिला है। मलेरिया विभाग अब जिले में दोबारा सर्वे करने की तैयारी कर रहा है।
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रात आठ बजे के बाद सक्रिय होता है फाइलेरिया का वायरस

- जानकारों के अनुसार, फाइलेरिया क्यूलेक्स एवं मैनसोनाइडिस प्रजाति के मच्छर से होता है। मच्छर धागे के समान परजीवी छोड़ता है जो व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर उसे मरीज बना देता है। फाइलेरिया का वायरस रात में सक्रिय होता है। लिहाजा यह सर्वे रात में ही किया जाएगा। रात आठ बजे से टीम सैंपल लेने का काम शुरू करेंगी। जिस गांव में सर्वे होना होगा, उस गांव की आशा कार्यकर्ता और ग्राम प्रधान लोगों को दिन में इसकी जानकारी देंगे।
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ये हैं फाइलेरिया के लक्षण-

फाइलेरिया से संक्रमित होने के बाद बुखार, बदन में खुजली और पुरुषों के निजी अंग और उसके आसपास दर्द व सूजन की समस्या होती है। इसके अलावा पैरों और हाथों में सूजन, हाइड्रोसिल (अंडकोषों की सूजन) भी फाइलेरिया के लक्षण हैं। इस बीमारी में पैरों में सूजन हाेने के कारण पांव हाथी के पांव जैसे हो जाते हैं, इसलिए इस बीमारी को हाथीपांव भी कहा जाता है।

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- जिले से नवंबर माह में फाइलेरिया का सर्वे कराया गया था। जांच में एक भी मरीज संक्रमित नहीं पाया गया था। अब जिले के चार लोग संक्रमित गैर जनपद में पाए गए हैं। जिन क्षेत्रों के मरीज रहने वाले हैं उन क्षेत्रों में दोबारा सर्वे कार्य कराया जाएगा। - योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी
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